Monsoon – उत्तर प्रदेश में शुरू हुआ तेज बारिश का दौर, 13 जिलों के लिए जारी हुआ येलो अलर्ट
Monsoon- उत्तर प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के लगभग 50 शहरों में अच्छी वर्षा हुई, जबकि बुधवार को भी कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहा। लगातार हो रही बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिली है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी कई क्षेत्रों में वर्षा का दौर बने रहने की संभावना जताई है।

13 जिलों के लिए येलो अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग ने 8 जुलाई के लिए प्रदेश के 13 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। जिन जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है, उनमें गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, संभल, बदायूं, झांसी और ललितपुर शामिल हैं। विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है, इसलिए स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को आवश्यक सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए अलग-अलग अनुमान
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 जुलाई तक अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके बाद 10 से 13 जुलाई के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्र में भी वर्षा की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। कुछ इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग लगातार परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर ताजा पूर्वानुमान जारी कर रहा है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने, बिजली के खंभों और खुले तारों से दूरी बनाए रखने तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा टालने की सलाह दी गई है। जिन इलाकों में भारी बारिश की संभावना है, वहां रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखने के लिए भी कहा गया है।
बारिश से मौसम हुआ सुहावना
बारिश के चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की गई है। लगातार बरसात से वातावरण में नमी बनी हुई है और कई शहरों में लोगों को लंबे समय बाद गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, कुछ स्थानों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। प्रशासन ने आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके