Highway – भूस्खलन से यमुनोत्री और देवाल-वाण मार्ग बाधित, रास्ते में फंसे कई वाहन
Highway – उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाओं ने पर्वतीय क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। उत्तरकाशी और चमोली जिलों में कई स्थानों पर पहाड़ियों से मलबा और बोल्डर गिरने के कारण प्रमुख सड़क मार्ग बाधित हो गए। उत्तरकाशी में स्याना चट्टी के निकट यमुनोत्री हाईवे बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जबकि चमोली जिले के देवाल-लोहाजंग-वाण राज्य मार्ग पर भी भारी मलबा आने से कई वाहन बीच रास्ते में रुक गए। प्रशासन की ओर से प्रभावित मार्गों को जल्द खोलने के प्रयास जारी हैं।

स्याना चट्टी के पास यातायात हुआ प्रभावित
यमुनोत्री हाईवे पर स्याना चट्टी क्षेत्र के पास हुए भूस्खलन के बाद मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। सड़क बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ यमुनोत्री धाम की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। प्रशासन ने मौके पर राहत दल और मशीनें भेजीं, ताकि मलबा हटाकर यातायात सामान्य किया जा सके। हालांकि खराब मौसम के कारण राहत कार्यों में भी चुनौती बनी रही।
निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों ने जताई चिंता
स्थानीय निवासियों ने हाईवे चौड़ीकरण के दौरान अपनाई जा रही निर्माण प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पहाड़ियों की अधिक कटाई और निर्माण कार्य में पर्याप्त सावधानी नहीं बरतने के कारण मार्ग बार-बार भूस्खलन की चपेट में आ रहा है। लोगों का यह भी कहना है कि इससे न केवल यात्रा प्रभावित हो रही है, बल्कि आपदा प्रभावित स्याना चट्टी क्षेत्र में भविष्य के लिए भी जोखिम बढ़ता दिखाई दे रहा है।
चमोली में राज्य मार्ग पर फंसे कई वाहन
चमोली जिले के गमलीगाड़ क्षेत्र में देवाल-लोहाजंग-वाण राज्य मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा आने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई। इसके चलते देहरादून, हल्द्वानी, गोपेश्वर और अन्य स्थानों की ओर जा रहे 30 से अधिक वाहन मार्ग में ही रुक गए। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर इंतजार करना पड़ा, जबकि संबंधित विभागों ने सड़क बहाल करने के लिए मशीनें मौके पर भेजीं।
मार्ग बहाल करने में जुटा प्रशासन
प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत कार्य कर रही हैं। जेसीबी और अन्य मशीनों की सहायता से सड़क पर जमा मलबा हटाने का काम जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम अनुकूल रहने पर यातायात जल्द बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी भी की जा रही है ताकि किसी नई घटना की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
यात्रियों के लिए जारी की गई सलाह
बारिश और भूस्खलन की लगातार बनी स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा शुरू करने से पहले सड़क और मौसम की ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करें। संवेदनशील मार्गों पर अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा या जोखिम से बचा जा सके।