SchoolClosure – भीषण गर्मी के चलते मुजफ्फरपुर में स्कूलों पर लगी अस्थायी रोक
SchoolClosure – मुजफ्फरपुर में लगातार बढ़ते तापमान और तेज धूप को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिला दंडाधिकारी कुमार गौरव ने आदेश जारी करते हुए 24 जून से 27 जून 2026 तक जिले के सभी सरकारी, निजी और प्री-स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों पर आंशिक प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य को किसी भी प्रकार के जोखिम से बचाना इस फैसले का मुख्य उद्देश्य है।

हाल के दिनों में जिले में तापमान लगातार ऊंचे स्तर पर बना हुआ है, जिससे दोपहर के समय बाहर निकलना कठिन हो गया है। इसी स्थिति को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
स्वास्थ्य सुरक्षा को दी गई प्राथमिकता
जिला प्रशासन के अनुसार, अत्यधिक गर्मी और लू जैसी परिस्थितियां विशेष रूप से छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल सकती हैं। इसी वजह से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा-163 के तहत यह आदेश लागू किया गया है।
अधिकारियों का मानना है कि स्कूलों में नियमित गतिविधियां जारी रहने से विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ सकते हैं। इसलिए अस्थायी व्यवस्था के माध्यम से उन्हें राहत देने का प्रयास किया गया है।
नर्सरी से सातवीं तक की कक्षाएं रहेंगी बंद
जारी निर्देशों के अनुसार, नर्सरी से लेकर कक्षा सात तक के सभी विद्यार्थियों के लिए शिक्षण कार्य पूरी तरह स्थगित रहेगा। इस अवधि में इन कक्षाओं के छात्रों को स्कूल आने की आवश्यकता नहीं होगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम केवल गर्मी की वर्तमान स्थिति को देखते हुए उठाया गया है और मौसम की परिस्थितियों के आधार पर आगे की समीक्षा की जाएगी।
उच्च कक्षाओं के लिए समय सीमा तय
कक्षा आठ और उससे ऊपर के विद्यार्थियों के लिए विद्यालयों में सीमित समय तक शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि इन कक्षाओं का संचालन पूर्वाह्न 10 बजे तक ही किया जाए।
विद्यालय प्रबंधन को अपनी आवश्यकता के अनुसार कक्षाओं, परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों का पुनर्निर्धारण करने की अनुमति भी दी गई है, ताकि पढ़ाई पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।
आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भी निर्देश
जिला प्रशासन ने एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) विभाग को भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश के तहत सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार वितरण का कार्य सुबह 9 बजे से पहले पूरा करने को कहा गया है।
इसके बाद केंद्रों की नियमित गतिविधियों को अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि छोटे बच्चों को तेज गर्मी और धूप के संपर्क में आने से बचाया जा सके।
अभिभावकों और शिक्षकों से अपील
जिलाधिकारी कुमार गौरव ने अभिभावकों, शिक्षकों और स्कूल संचालकों से बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न जाने दिया जाए और पर्याप्त पानी पीने सहित गर्मी से बचाव के सभी उपाय अपनाए जाएं।
प्रशासन ने यह भी सुझाव दिया है कि यदि किसी बच्चे में गर्मी से संबंधित स्वास्थ्य समस्या के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह ली जाए।
आदेश के पालन पर रहेगी नजर
जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों को स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम सामान्य होने तक आवश्यक एहतियाती कदम जारी रहेंगे।