AirportUpgrade – देहरादून एयरपोर्ट पर बनेगी नई अत्याधुनिक एटीसी इमारत
AirportUpgrade – देहरादून एयरपोर्ट पर हवाई यातायात प्रबंधन को अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। एयरपोर्ट परिसर में नई एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) इमारत के निर्माण की योजना तैयार की गई है। प्रस्तावित भवन में आधुनिक तकनीक और उन्नत निगरानी प्रणालियां स्थापित की जाएंगी, जिससे विमान संचालन की क्षमता और सुरक्षा दोनों में सुधार होने की उम्मीद है।

एयरपोर्ट प्रशासन का मानना है कि नई सुविधा शुरू होने के बाद हवाई यातायात के प्रबंधन में अधिक दक्षता आएगी। इससे नियंत्रकों को एक साथ अधिक उड़ानों की निगरानी और संचालन में सहायता मिलेगी।
आधुनिक तकनीक से बढ़ेगी संचालन क्षमता
नई एटीसी इमारत में अत्याधुनिक ऑटोमेशन सिस्टम और उन्नत सर्विलांस उपकरण लगाए जाने की योजना है। इन तकनीकों की मदद से एयरस्पेस की बेहतर निगरानी संभव होगी और रनवे संचालन को भी अधिक प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक एयर ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली से विमानों के बीच समन्वय बेहतर होगा और उड़ानों के संचालन में आने वाली चुनौतियों को कम किया जा सकेगा। इससे भविष्य में बढ़ती हवाई आवाजाही को संभालना भी आसान होगा।
मौजूदा एयरस्पेस का होगा बेहतर उपयोग
देहरादून एयरपोर्ट के आसपास का एक बड़ा हवाई क्षेत्र वायु सेना के नियंत्रण में है। ऐसे में उपलब्ध एयरस्पेस का अधिकतम उपयोग करना नागरिक उड्डयन संचालन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
नई तकनीक से लैस एटीसी प्रणाली लागू होने के बाद मौजूदा एयरस्पेस में ही अधिक उड़ानों का संचालन संभव हो सकेगा। इससे हवाई यातायात के बेहतर प्रबंधन के साथ उड़ानों की संख्या बढ़ाने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
प्रतिदिन दर्जनों उड़ानों का संचालन
वर्तमान में देहरादून एयरपोर्ट से प्रतिदिन लगभग 22 से 24 नियमित उड़ानों का संचालन किया जाता है। इसके अलावा निजी विमान और हेलिकॉप्टर सेवाएं भी यहां से संचालित होती हैं।
हवाई यात्रियों की बढ़ती संख्या और पर्यटन गतिविधियों में विस्तार को देखते हुए एयरपोर्ट की आधारभूत सुविधाओं को लगातार उन्नत किया जा रहा है। नई एटीसी इमारत इसी प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है।
वर्षों में तेजी से हुआ एयरपोर्ट का विकास
देहरादून का हवाई अड्डा समय के साथ लगातार विकसित हुआ है। शुरुआती दौर में यहां सीमित सुविधाओं के साथ एक छोटी हवाई पट्टी संचालित होती थी। बाद में नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इसे आधुनिक एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया गया।
वर्ष 2006-07 के दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोल, मौसम विज्ञान और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया गया। इसके बाद यात्री संख्या में वृद्धि को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से नए टर्मिनल और अन्य संरचनाओं का निर्माण किया गया।
बड़े टर्मिनल से बढ़ी यात्री क्षमता
यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए हाल के वर्षों में लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से नया और बड़ा टर्मिनल विकसित किया गया। वर्ष 2024 से एयरपोर्ट का संचालन इसी आधुनिक टर्मिनल से किया जा रहा है।
नई सुविधा के शुरू होने के बाद एयरपोर्ट की यात्री संभालने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जहां पुराने टर्मिनल में सीमित संख्या में यात्रियों को संभाला जा सकता था, वहीं नया टर्मिनल व्यस्त समय में हजारों यात्रियों की आवाजाही को सुचारु रूप से प्रबंधित करने में सक्षम है।
उड़ानों में देरी कम होने की उम्मीद
एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, नई एटीसी इमारत और आधुनिक उपकरणों के उपयोग से उड़ानों के संचालन में अधिक सटीकता आएगी। इससे हवाई यातायात प्रबंधन बेहतर होगा और विलंब की स्थितियों को कम करने में मदद मिल सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद देहरादून एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता और तकनीकी दक्षता दोनों में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिलेगा, जिससे यात्रियों और विमानन सेवाओं को सीधा लाभ होगा।