उत्तर प्रदेश

Expressway Authority – यूपीडा का नियंत्रण बदला, अखिलेश यादव ने साधा निशाना

Expressway Authority – उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की प्रमुख एक्सप्रेसवे और आधारभूत ढांचा परियोजनाओं के संचालन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसला लिया है। इसके तहत उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) का प्रशासनिक नियंत्रण औद्योगिक विकास विभाग से हटाकर अवस्थापना विकास विभाग को सौंप दिया गया है। चूंकि अवस्थापना विकास विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास है, इसलिए अब यूपीडा से संबंधित प्रमुख प्रस्तावों और निर्णयों की प्रक्रिया सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में होगी।

सरकारी आदेश के अनुसार यह बदलाव विभागीय कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित करने, निर्णय प्रक्रिया को सरल बनाने और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के उद्देश्य से किया गया है। नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

शासन ने बताई बदलाव की वजह

सचिवालय प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि विभिन्न विभागों के बीच कार्य आवंटन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कुछ स्तर पर असंगतियां सामने आ रही थीं। इन चुनौतियों को दूर करने और बड़ी परियोजनाओं के अनुमोदन में देरी कम करने के लिए यूपीडा को अवस्थापना विकास विभाग के अधीन लाने का निर्णय लिया गया है।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि एक्सप्रेसवे, औद्योगिक कॉरिडोर और बड़े बुनियादी ढांचा विकास कार्य सीधे तौर पर अवस्थापना विकास से जुड़े हैं। ऐसे में एक ही विभाग के तहत इन परियोजनाओं की निगरानी अधिक प्रभावी मानी जा रही है।

एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की प्रक्रिया में आएगा बदलाव

अब तक यूपीडा से जुड़ी परियोजनाओं, बजट प्रस्तावों और प्रशासनिक फाइलों की प्रक्रिया औद्योगिक विकास विभाग के माध्यम से आगे बढ़ती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन मामलों का निस्तारण सीधे अवस्थापना विकास विभाग के जरिए किया जाएगा।

शासन का मानना है कि इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक तेज होगी और बड़े विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही विभिन्न स्तरों पर होने वाली समानांतर प्रक्रियाओं को भी कम किया जा सकेगा।

अखिलेश यादव ने सरकार पर किया हमला

इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से इस फैसले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह बदलाव ऐसे समय में किया गया है जब एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को लेकर पहले ही कई सवाल उठ चुके हैं।

अखिलेश यादव ने दावा किया कि सरकार के भीतर जिम्मेदारियों को लेकर बदलाव राजनीतिक और प्रशासनिक कारणों से किए जा रहे हैं। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी भाजपा की रणनीति पर सवाल उठाए और दावा किया कि कई क्षेत्रों में पार्टी को उम्मीदवार बदलने पड़ सकते हैं।

भाजपा के चुनावी प्रदर्शन पर भी टिप्पणी

सपा प्रमुख ने अपने बयान में लोकसभा चुनाव परिणामों और राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हालिया चुनावी नतीजों के बाद भाजपा के भीतर राजनीतिक समीकरणों पर पुनर्विचार किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था, महंगाई, बेरोजगारी और अन्य जनसरोकार के मुद्दों को लेकर सरकार की आलोचना की।

हालांकि, भाजपा की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक बयानों को लेकर आने वाले समय में बहस और तेज हो सकती है।

विकास परियोजनाओं पर रहेगी नजर

यूपीडा राज्य की कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का संचालन करती है और उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे के विस्तार में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में प्रशासनिक नियंत्रण में हुए इस बदलाव को विकास परियोजनाओं की गति और कार्यप्रणाली के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब यह देखना होगा कि नई व्यवस्था का असर परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर किस प्रकार पड़ता है।

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