Politics – बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले जदयू में उम्मीदवारों को लेकर तेज हुई गतिविधियां
Politics – बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया के दूसरे दिन राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पहले दिन किसी भी दल की ओर से कोई नामांकन दाखिल नहीं किया गया, लेकिन उम्मीदवारों के चयन को लेकर प्रमुख राजनीतिक दलों में लगातार मंथन जारी है। खासतौर पर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में संभावित प्रत्याशियों के नामों पर गंभीर चर्चा चल रही है।

जदयू नेतृत्व की बैठकों ने बढ़ाई सियासी सरगर्मी
नामों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया के बीच जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिनभर सक्रिय नजर आए। उन्होंने सबसे पहले उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव से मुलाकात की। इसके बाद उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के साथ भी चर्चा की गई। राजनीतिक जानकार इन बैठकों को विधान परिषद चुनाव की रणनीति और उम्मीदवार चयन से जोड़कर देख रहे हैं।
दिन में अपने सरकारी आवास लौटने के बाद भी नेताओं का आना-जाना जारी रहा। मंत्री लेशी सिंह ने भी मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की। इससे यह संकेत मिल रहा है कि पार्टी स्तर पर उम्मीदवारों के चयन को लेकर अंतिम दौर की बातचीत चल रही है।
शीर्ष नेतृत्व को सौंपी गई संभावित उम्मीदवारों की सूची
पार्टी सूत्रों के अनुसार, संभावित उम्मीदवारों के नामों की सूची जदयू नेतृत्व द्वारा नीतीश कुमार को सौंप दी गई है। अब इन नामों पर अंतिम निर्णय लेने से पहले वरिष्ठ नेताओं और सहयोगियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है। माना जा रहा है कि जल्द ही पार्टी अपने आधिकारिक उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है।
कई सीटों पर नए चेहरों को मौका मिलने की चर्चा
विधान परिषद की जिन सीटों पर चुनाव होना है, उनमें से चार सीटें वर्तमान में जदयू के पास हैं। इन सीटों पर पार्टी के सदस्य गुलाम गौस, भीष्म सहनी, कुमुद वर्मा और श्रीभगवान सिंह कुशवाहा का कार्यकाल 28 जून को समाप्त हो रहा है। इसके अलावा एक सीट पर उपचुनाव भी होना है, जो नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद से रिक्त है।
पार्टी इस रिक्त सीट पर भी अपना उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। ऐसे में कुल पांच सीटों के लिए जदयू के भीतर दावेदारों के नामों पर चर्चा तेज हो गई है।
संभावित नामों को लेकर जारी है अटकलों का दौर
राजनीतिक गलियारों में जिन नामों की सबसे अधिक चर्चा हो रही है, उनमें निशांत कुमार, राजीव कुमार सिंह, ललन मंडल और गुलाम रसूल बलियावी शामिल हैं। विभिन्न सामाजिक वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से भी पार्टी संभावित उम्मीदवारों पर विचार कर रही है।
अब सभी की नजरें नीतीश कुमार के अंतिम फैसले पर टिकी हैं। उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा कि जदयू किन चेहरों पर भरोसा जताते हुए विधान परिषद चुनाव के मैदान में उतरेगी।