Saran Gandak – गंडक नदी में समा गया 21 वर्षीय युवक, परिवार में मची चीख-पुकार
Saran Gandak River Drowning News Update – सारण जिले के पानापुर थाना क्षेत्र में दो दिन पहले गंडक नदी की तेज धारा में बहे युवक का शव घटना के करीब 48 घंटे बाद बरामद कर लिया गया है। इस दुखद हादसे के बाद से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। मृतक की शिनाख्त उभवा सारंगपुर गांव के रहने वाले 21 वर्षीय राजकुमार के रूप में हुई है, जो स्वर्गीय सुरेश साह के पुत्र थे। मुजफ्फरपुर जिले के फतेहाबाद घाट के समीप गंडक नदी से शव के बाहर आते ही वहां मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, दो दिन पूर्व राजकुमार सारंगपुर डाकबंगला घाट पर गंडक नदी के किनारे गया हुआ था। इसी दौरान अचानक पैर फिसलने या संतुलन बिगड़ने से वह नदी के तेज प्रवाह की चपेट में आ गया और देखते ही देखते ओझल हो गया। घटना की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को दी गई, जिसके बाद राज्य आपदा मोचन बल यानी एसडीआरएफ की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। हालांकि, शुरुआती दो दिनों तक चले तलाश अभियान के बावजूद कोई सफलता हाथ नहीं लग सकी थी।
शनिवार की सुबह प्रशासनिक टीम के पहुंचने से पहले ही पीड़ित परिवार ने गांव वालों और निजी नाविकों के सहयोग से अपने स्तर पर नदी में तलाश शुरू कर दी। करीब छह किलोमीटर दूर मुजफ्फरपुर सीमा में स्थित फतेहाबाद घाट के पास पानी में तैरता हुआ शव दिखाई दिया, जिसे कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। इस पूरे मामले में खास बात यह रही कि शव की बरामदगी में एसडीआरएफ के बजाय स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की भूमिका मुख्य रही।
शव के सारंगपुर घाट पहुंचते ही पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। देखते ही देखते मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया। हर कोई इस अचानक हुई अनहोनी से स्तब्ध था। घटना की आधिकारिक जानकारी मिलते ही पानापुर पुलिस स्टेशन की टीम तुरंत घाट पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की और अंतपरीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए सदर अस्पताल छपरा भेज दिया।
घटनास्थल पर राहत और संवेदना व्यक्त करने कई स्थानीय प्रतिनिधि भी पहुंचे। इनमें जिला परिषद सदस्य रत्नेश कुमार भास्कर, पूर्व जिला परिषद प्रतिनिधि अभिषेक रंजन सिंह उर्फ मुनचुन सिंह और सरपंच प्रतिनिधि केश्वर राय समेत अन्य सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। सभी ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और प्रशासन से नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा सकें।