HonorKilling – कुशीनगर में किशोरी हत्या मामले ने सभी को झकझोरा
HonorKilling – कुशीनगर से सामने आए एक सनसनीखेज हत्या मामले में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में मिले एक किशोरी के शव के मामले में पुलिस ने उसके पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद पूरी घटना ऑनर किलिंग से जुड़ी पाई गई। पुलिस के अनुसार आरोपी पिता ने अपनी बेटी की हत्या कर शव को ट्रेन में छिपाने की कोशिश की थी।

परिवार के भीतर ही बनी हत्या की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि सेवरही क्षेत्र के निवासी बिग्गन अंसारी अपनी नाबालिग बेटी के व्यवहार को लेकर लंबे समय से नाराज था। परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक किशोरी एक युवक से फोन पर बातचीत करती थी, जिसे लेकर घर में तनाव बना रहता था। आरोपी को डर था कि उसकी तीसरी बेटी भी अपनी बड़ी बहनों की तरह प्रेम विवाह का रास्ता अपना सकती है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी ने घटना से कुछ दिन पहले ही परिवार के कुछ सदस्यों को रिश्तेदारों के यहां भेज दिया था। घर में केवल बेटी और उसकी बुजुर्ग मां मौजूद थीं। इसी दौरान आरोपी ने अपनी बहन और बहनोई को बुलाकर कथित रूप से हत्या की योजना बनाई।
ट्रेन में शव मिलने से शुरू हुई जांच
रेलवे पुलिस को छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के एक स्लीपर कोच में संदिग्ध हालत में रखा एक बक्सा मिला था। जांच के दौरान उसमें किशोरी का शव बरामद हुआ। शव को कई हिस्सों में काटकर अलग-अलग पैक किया गया था। इस घटना के सामने आने के बाद रेलवे पुलिस, स्थानीय पुलिस और विशेष जांच टीमों ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस को कुछ संदिग्ध गतिविधियों के सुराग मिले। फुटेज में एक व्यक्ति को रेलवे स्टेशन तक बक्सा ले जाते हुए देखा गया। इसके बाद जांच की दिशा बदल गई और पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।
पूछताछ में आरोपी ने कबूला अपराध
पुलिस सूत्रों के मुताबिक सख्त पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर तालाब से किशोरी का कटा हुआ सिर और घटना में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार भी बरामद किया गया। गोताखोरों की मदद से कई घंटे तक तलाशी अभियान चलाया गया।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया था ताकि किसी को शक न हो। यहां तक कि घर में मौजूद बुजुर्ग महिला को भी घटना की जानकारी नहीं हो सकी। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
गांव में घटना के बाद पसरा सन्नाटा
घटना सामने आने के बाद इलाके में भारी चर्चा का माहौल है। पड़ोसियों के अनुसार आरोपी सामान्य तौर पर शांत स्वभाव का व्यक्ति माना जाता था और ज्यादा मेलजोल नहीं रखता था। गांव के लोगों ने बताया कि परिवार पहले से आर्थिक और मानसिक दबाव में था। आरोपी का एक बेटा गंभीर बीमारी से जूझ रहा था, जिसके इलाज में काफी खर्च हो चुका था।
हालांकि पुलिस का कहना है कि हत्या जैसी वारदात को किसी भी परिस्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।