उत्तर प्रदेश

Politics – यूपी चुनाव रणनीति पर अखिलेश यादव ने दिए संकेत

Politics – समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति पर पूरी तरह खुलकर बात नहीं की, लेकिन विपक्षी एकता और गठबंधन को लेकर कई अहम संकेत जरूर दिए। मंगलवार को एक कार्यक्रम में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी राजनीतिक रणनीति समय आने पर ही सामने लाएगी, क्योंकि मुकाबला एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी से है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस के साथ भविष्य में गठबंधन की संभावना से भी इनकार नहीं किया।

गठबंधन को लेकर दिया स्पष्ट संदेश

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी को गठबंधन की राजनीति का लंबा अनुभव है और पार्टी ने हमेशा अपने सहयोगियों को सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में सीटों की संख्या से ज्यादा महत्व जीत को दिया जाएगा। उनके अनुसार लोकसभा चुनाव की तरह ही विधानसभा चुनाव में भी वही फार्मूला अपनाया जा सकता है, जिसमें जीत को प्राथमिकता मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा राजनीतिक हालात में विपक्ष को एकजुट होकर चुनाव लड़ना चाहिए।

लोकसभा चुनाव के नतीजों का किया जिक्र

सपा प्रमुख ने 2024 के लोकसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि विपक्षी दलों के साथ तालमेल का सकारात्मक असर देखने को मिला था। उस चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था और दोनों दलों को बेहतर परिणाम मिले थे। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य की रणनीति भी इसी अनुभव के आधार पर तैयार की जा सकती है। हालांकि उन्होंने सीट बंटवारे या चुनाव प्रचार में कौन-कौन नेता साथ दिखेंगे, इस पर स्पष्ट टिप्पणी नहीं की।

विपक्ष के चेहरे पर अलग राय

जब उनसे पूछा गया कि विपक्ष का चेहरा कौन होगा, तो अखिलेश यादव ने किसी एक नेता का नाम लेने से बचते हुए कहा कि इस बार मुद्दे ही सबसे बड़ा चेहरा हैं। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, भर्ती से जुड़े विवाद, परीक्षा से परेशान छात्र और आर्थिक चुनौतियों को विपक्ष की ताकत बताया। उनके अनुसार आम लोगों की समस्याएं ही चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा बनने वाली हैं।

पीडीए को लेकर फिर दोहराई बात

अखिलेश यादव ने अपने पीडीए फार्मूले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति समाज के पीड़ित और उपेक्षित वर्गों के लिए है। उनके मुताबिक भाजपा और समाजवादी पार्टी की सोच में यही सबसे बड़ा अंतर है। उन्होंने दावा किया कि जनता अब महंगाई और रोजमर्रा की समस्याओं को लेकर ज्यादा चिंतित है और आने वाले समय में यही मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में रहेंगे।

हल्के अंदाज में भी दिए जवाब

कार्यक्रम के दौरान रैपिड फायर सत्र में अखिलेश यादव ने कई सवालों के जवाब हल्के-फुल्के अंदाज में दिए। अपनी पसंदीदा फिल्म के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें ‘मुगल-ए-आजम’ कई बार देखना पसंद है। वहीं यात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने मजाकिया अंदाज में विदेश घूमने की बात कही। खाने की पसंद पर उन्होंने कहा कि मंगलवार होने के कारण वह भंडारे का भोजन करेंगे।

विदेश नीति पर भी की टिप्पणी

अखिलेश यादव ने बातचीत के दौरान भारत की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि वैश्विक संघर्षों को रोकने के लिए देशों के बीच सक्रिय संवाद जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मामलों में भारत की भूमिका पर टिप्पणी की और कहा कि भारत को वैश्विक स्तर पर शांति और संवाद की दिशा में मजबूत पहल करनी चाहिए।

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