CBIProbe – अब सीबीआई के हवाले हुई चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच…
CBIProbe – पश्चिम बंगाल में चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई को सौंप दी गई है। मामले की संवेदनशीलता और राजनीतिक महत्व को देखते हुए एजेंसी ने सात सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया है। अधिकारियों के अनुसार इस टीम की अगुवाई डीआईजी स्तर का एक वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। जांच एजेंसी अब हत्या की पूरी साजिश, आरोपियों की भूमिका और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की गहराई से जांच करेगी। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है।

गोलीबारी में हुई थी चंद्रनाथ रथ की मौत
चंद्रनाथ रथ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक के रूप में कार्यरत थे। वह भारतीय वायुसेना में भी सेवाएं दे चुके थे और लंबे समय से अधिकारी के करीबी सहयोगी माने जाते थे। 6 मई की रात मध्यग्राम इलाके के पास अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोली चला दी थी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद राजनीतिक दलों और प्रशासनिक हलकों में चिंता बढ़ गई थी।
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी जांच
इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियों ने मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को बिहार के बक्सर से हिरासत में लिया, जबकि तीसरे आरोपी राज सिंह को उत्तर प्रदेश के बलिया से पकड़ा गया। शुरुआती पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 10 मई को इनकी गिरफ्तारी की गई थी। बाद में विस्तृत पूछताछ के बाद सोमवार को तीनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हत्या के पीछे मुख्य साजिशकर्ता कौन है और घटना की योजना कैसे बनाई गई।
अदालत ने पुलिस हिरासत बढ़ाई
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने तीनों आरोपियों को 24 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। सरकारी पक्ष की ओर से अदालत में कहा गया कि जांच के दौरान सबूत मिटाने की आशंका को देखते हुए संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं। सरकारी वकील बिबास चटर्जी ने बताया कि मामले की कई कोणों से जांच की जा रही है और पुलिस हिरासत के दौरान आरोपियों से और पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियां घटना से जुड़े मोबाइल रिकॉर्ड, यात्रा विवरण और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं।
शुभेंदु अधिकारी ने जताई थी साजिश की आशंका
घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इसे एक सोची-समझी साजिश बताया था। उन्होंने दावा किया था कि चंद्रनाथ रथ को निशाना बनाने के लिए हमलावरों ने पहले कई दिनों तक निगरानी की और फिर मौका देखकर हमला किया। अधिकारी ने कहा था कि उनके सहयोगी को केवल राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया गया। इस बयान के बाद मामला और अधिक राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया था।
विभिन्न दलों ने की थी निष्पक्ष जांच की मांग
हत्या के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया था। तृणमूल कांग्रेस ने मामले में अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग उठाई थी। वहीं कांग्रेस ने भी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जरूरत पर जोर दिया था। अब जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद माना जा रहा है कि एजेंसी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तार से पड़ताल करेगी। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर अब इस जांच की प्रगति पर बनी हुई है।