WeatherUpdate – प्रदेश में तेज बारिश और आंधी का असर, गिरेगा तापमान
WeatherUpdate – प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली है और मंगलवार से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला अब गुरुवार तक जारी रहने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, इस बदलाव का सीधा असर तापमान पर भी पड़ेगा, जिससे अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट स्थायी नहीं होगी और इसके बाद तापमान में फिर से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम का मिजाज
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बदलाव की मुख्य वजह सक्रिय हुआ नया पश्चिमी विक्षोभ है। इसके प्रभाव से मंगलवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि यह प्रणाली धीरे-धीरे पूर्वी जिलों की ओर बढ़ेगी, जिससे पूरे प्रदेश में मौसम का असर महसूस किया जाएगा। बुधवार को अधिकांश जिलों में आंधी और बारिश की स्थिति बनी रहने की संभावना है।
कई जिलों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं का खतरा
मौसम विभाग ने कुछ जिलों में ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की है। अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी और इटावा जैसे क्षेत्रों में ओले गिरने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर सहित कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं प्रदेश के अन्य हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के संकेत हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
गरज-चमक और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी
प्रदेश के कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना को देखते हुए सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। बांदा, फतेहपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली और अमेठी सहित कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों को भी अलर्ट पर रखा गया है, जहां मौसम अचानक बिगड़ सकता है।
किसानों की बढ़ी चिंता, फसलों पर असर का अंदेशा
बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर उन इलाकों में जहां गेहूं और अन्य रबी फसलें कटाई के लिए तैयार हैं, वहां नुकसान का खतरा ज्यादा है। लगातार बारिश और तेज हवाओं से फसल गिरने और खराब होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के बीच किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और प्रशासन को उनके साथ खड़ा रहना होगा। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से कहा है कि वे खुद फील्ड में जाकर स्थिति का जायजा लें और किसानों से सीधे संपर्क बनाए रखें।
फसल नुकसान का जल्द आकलन और मुआवजे पर जोर
सरकार ने स्पष्ट किया है कि फसलों के नुकसान का आकलन तेजी से किया जाए और प्रभावित किसानों को समयबद्ध तरीके से मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों को संयुक्त रूप से सर्वे करने के निर्देश दिए हैं ताकि नुकसान की सही तस्वीर सामने आ सके और राहत प्रक्रिया में देरी न हो।
आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी तरह की जनहानि या पशुहानि की स्थिति में तत्काल राहत दी जाए। घायलों और प्रभावित परिवारों को निर्धारित समय के भीतर सहायता पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



