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उत्तर प्रदेश

ColdStorageCrisis – अमोनिया महंगा होने से यूपी के शीतगृह संचालन प्रभावित

ColdStorageCrisis – पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत के कृषि और भंडारण तंत्र पर भी दिखाई देने लगा है। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के बाद अब अमोनिया गैस की कीमतों में तेज बढ़ोतरी ने उत्तर प्रदेश के कोल्ड स्टोरेज उद्योग को प्रभावित किया है। राज्य के विभिन्न जिलों में संचालित हजारों शीतगृह इस महंगाई के कारण दबाव में हैं, जिससे खासतौर पर आलू उत्पादक क्षेत्रों में चिंता बढ़ गई है।

अमोनिया की कीमतों में तेज उछाल

कोल्ड स्टोरेज संचालन में अमोनिया गैस की अहम भूमिका होती है, और इसके दाम में अचानक बढ़ोतरी ने पूरे खर्च का संतुलन बिगाड़ दिया है। पहले जहां यह गैस 60 से 80 रुपये प्रति किलो के आसपास मिलती थी, वहीं अब कई स्थानों पर इसकी कीमत 100 से 130 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। कुछ जिलों में यह बढ़ोतरी और भी ज्यादा देखी गई है, जिससे संचालन लागत में भारी इजाफा हुआ है।

आलू भंडारण पर पड़ रहा असर

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आलू का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है, जिसके लिए कोल्ड स्टोरेज अनिवार्य हैं। एक शीतगृह में पूरे सीजन के दौरान औसतन 1800 से 2000 किलो अमोनिया गैस की जरूरत पड़ती है। ऐसे में कीमत दोगुनी होने का सीधा असर भंडारण लागत पर पड़ रहा है। इससे किसानों, आढ़तियों और कोल्ड स्टोरेज संचालकों सभी के सामने आर्थिक दबाव की स्थिति बन रही है।

विभिन्न जिलों में अलग-अलग हालात

आगरा, मैनपुरी और फिरोजाबाद जैसे जिलों में अमोनिया के दाम लगभग दोगुने हो चुके हैं। वहीं कानपुर और उन्नाव में भी कीमतों में 20 फीसदी तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुछ जगहों पर आपूर्ति में देरी की भी समस्या सामने आई है, जहां पहले 24 घंटे में गैस मिल जाती थी, अब 48 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। हालांकि कई जिलों में आपूर्ति सामान्य है, लेकिन महंगे दाम ने चिंता बढ़ा दी है।

संचालन लागत का बिगड़ा संतुलन

अलीगढ़ जैसे क्षेत्रों में अमोनिया गैस के सिलेंडर की कीमत में भारी उछाल देखा गया है। जो सिलेंडर पहले 7,000 रुपये के आसपास मिलता था, वह अब लगभग दोगुनी कीमत पर उपलब्ध है। इससे कोल्ड स्टोरेज संचालकों के लिए खर्च का अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि शीतगृह केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि कृषि से जुड़ी आवश्यक सेवा है, जिस पर लागत बढ़ने का सीधा असर खाद्य आपूर्ति पर पड़ सकता है।

कहीं कमी नहीं, लेकिन महंगाई चिंता

कुछ जिलों जैसे मेरठ, सहारनपुर और बुलंदशहर में अमोनिया की उपलब्धता बनी हुई है और कोल्ड स्टोरेज सामान्य रूप से चल रहे हैं। हालांकि यहां भी कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। व्यापारियों का कहना है कि फिलहाल गैस की कमी नहीं है, लेकिन बढ़ी हुई लागत लंबे समय में समस्या पैदा कर सकती है।

कृषि अर्थव्यवस्था पर संभावित असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसका असर कृषि आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ सकता है। भंडारण महंगा होने से किसानों को कम लाभ मिल सकता है और बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में इस स्थिति पर नजर रखना और समय रहते समाधान ढूंढना जरूरी हो गया है।

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