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Homewarming video- भारतीय गृहप्रवेश पर विदेशी क्रिएटर का अनुभव हुआ वायरल, परंपराओं की जमकर हुई सराहना

Homewarming video – यूक्रेन की डिजिटल कंटेंट क्रिएटर सैंड्रा ऑन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। इस वीडियो में उन्होंने भारत और यूरोप में आयोजित होने वाले गृहप्रवेश समारोहों के बीच सांस्कृतिक अंतर को अपने अनुभव के आधार पर साझा किया है। सैंड्रा ने बताया कि भारत आने से पहले उन्हें लगता था कि नया घर मिलने के बाद होने वाले समारोह लगभग हर देश में एक जैसे होते हैं। लेकिन भारतीय परिवार के गृहप्रवेश में शामिल होने के बाद उनकी यह धारणा पूरी तरह बदल गई।

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भारतीय परंपरा ने छोड़ी गहरी छाप

इंस्टाग्राम पर @dra.sandraa नाम से साझा किए गए वीडियो में सैंड्रा ने बताया कि यूरोप में नए घर की खुशी आमतौर पर दोस्तों और परिवार के साथ शाम को मनाई जाती है। वहीं भारत में उनका अनुभव बिल्कुल अलग रहा। उन्होंने कहा कि यहां उत्सव की शुरुआत सुबह के समय धार्मिक अनुष्ठानों से होती है, जहां परिवार सबसे पहले नए घर के लिए शुभकामनाएं और आशीर्वाद प्राप्त करने को प्राथमिकता देता है।

पूजा के बाद शुरू होता है उत्सव

सैंड्रा के अनुसार भारतीय गृहप्रवेश में सबसे पहले पुजारी द्वारा विधि-विधान से पूजा कराई जाती है, जिसमें परिवार के सभी सदस्य शामिल होते हैं। घर में सुख, शांति, समृद्धि और सुरक्षा की कामना के साथ धार्मिक अनुष्ठान पूरे किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि पूजा समाप्त होने के बाद ही नाश्ता और अन्य कार्यक्रम शुरू होते हैं। इसके बाद भजन, मंत्रोच्चार और पारिवारिक मेलजोल का माहौल बनता है, जो धीरे-धीरे एक सामाजिक समारोह का रूप ले लेता है।

यूरोप की परंपरा से बताया अंतर

वीडियो में सैंड्रा ने यह भी बताया कि यूरोप में नए घर का जश्न अपेक्षाकृत अनौपचारिक होता है। लोग आमतौर पर शाम के समय एकत्रित होते हैं, भोजन करते हैं, बातचीत करते हैं और नए घर का भ्रमण करते हैं। उनके अनुसार भारतीय समारोह में धार्मिक आस्था और पारिवारिक मूल्यों को जिस तरह प्राथमिकता दी जाती है, वह यूरोप में कम देखने को मिलता है। यही अंतर उन्हें सबसे अधिक प्रभावित कर गया।

कृतज्ञता की भावना ने किया प्रभावित

सैंड्रा ने कहा कि भारतीय परिवार नए घर को केवल रहने की जगह नहीं मानते, बल्कि उसे जीवन की नई शुरुआत का प्रतीक समझते हैं। उनके अनुसार समारोह की शुरुआत भगवान के प्रति आभार व्यक्त करने से होती है, जो इस पूरे आयोजन को विशेष बनाती है। उन्होंने स्वीकार किया कि यूरोप में पली-बढ़ी होने के बावजूद भारत की यह सोच और परंपरा उन्हें बेहद सुंदर और भावनात्मक लगी।

सोशल मीडिया पर लोगों ने साझा किए अपने अनुभव

इस वीडियो को अब तक डेढ़ लाख से अधिक बार देखा जा चुका है और बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं भी दी हैं। कई भारतीय यूजर्स ने बताया कि गृहप्रवेश की पूजा को परिवार के लिए शुभ माना जाता है और यह नई शुरुआत का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। कुछ लोगों ने पूजा के दौरान होने वाले हवन, अगरबत्ती की सुगंध और धार्मिक वातावरण का भी उल्लेख किया।

अलग-अलग राज्यों में निभाई जाती हैं अलग परंपराएं

कमेंट सेक्शन में कई यूजर्स ने बताया कि भारत के विभिन्न क्षेत्रों में गृहप्रवेश की रस्मों का स्वरूप अलग हो सकता है। खासकर दक्षिण भारत में यह समारोह विस्तृत धार्मिक अनुष्ठानों के साथ आयोजित किया जाता है, जिसमें वास्तु पूजा, हवन, नए बर्तन में दूध उबालने जैसी परंपराएं शामिल रहती हैं। कई परिवार पूजा पूरी होने तक भोजन भी नहीं करते। इससे पहले भी भारत की संस्कृति और पारंपरिक रीति-रिवाजों की सराहना करते हुए कई विदेशी यात्रियों और कंटेंट क्रिएटर्स के वीडियो सोशल Media पर व्यापक रूप से साझा किए जा चुके हैं।

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