उत्तराखण्ड

SuccessStory – किसान परिवार की बेटी ने हासिल की एसडीएम बनने की मंजिल

SuccessStory – उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता हासिल कर एसडीएम बनने वाली काजल सैनी के लिए यह उपलब्धि वर्षों की मेहनत, धैर्य और पारिवारिक सहयोग का परिणाम है। हरिद्वार जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर प्रशासनिक सेवा तक पहुंचने का उनका सफर उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।

काजल सैनी ने अपनी सफलता का श्रेय सबसे पहले अपने माता-पिता को दिया है। उनका कहना है कि परिवार ने हमेशा शिक्षा को प्राथमिकता दी और उन्हें अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। यही समर्थन उनके कठिन सफर की सबसे बड़ी ताकत बना।

गांव से शुरू हुई सफलता की कहानी

काजल हरिद्वार जिले के झबरेड़ा क्षेत्र के पास स्थित सड़ौली गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता रामकुमार खेती करते हैं, जबकि उनकी माता राजदुलारी गृहिणी हैं। परिवार का वातावरण साधारण होने के बावजूद शिक्षा को हमेशा महत्व दिया गया।

उन्होंने अपनी शुरुआती और इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, लंढौरा से पूरी की। इसके बाद उन्होंने गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय से बीएएमएस की पढ़ाई की। काजल बताती हैं कि बचपन में गांव के एक शिक्षक प्रशासनिक अधिकारियों के बारे में जानकारी देते थे। उसी दौरान उनके मन में भी इस क्षेत्र के प्रति रुचि विकसित हुई।

मेडिकल शिक्षा के बाद बदला करियर का रास्ता

आयुर्वेद की पढ़ाई पूरी करने के बाद काजल ने महसूस किया कि उनकी वास्तविक रुचि प्रशासनिक सेवाओं में है। इसी सोच के साथ उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में भी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।

इसके बाद उन्होंने राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं पर ध्यान केंद्रित किया। शुरुआती प्रयासों में उन्हें अपेक्षित परिणाम नहीं मिला, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। लगातार तैयारी जारी रखी और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती रहीं।

संघर्ष के बीच मिली पहली सफलता

काजल के करियर में महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब उन्होंने वर्ष 2025 में सहायक समीक्षा अधिकारी की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने सचिवालय में अपनी जिम्मेदारियां संभालीं। नौकरी के साथ-साथ उन्होंने प्रशासनिक सेवा की तैयारी भी जारी रखी।

उनका कहना है कि असफलताओं ने उन्हें निराश करने के बजाय और अधिक मजबूत बनाया। हर परीक्षा से उन्होंने कुछ नया सीखा और अपनी तैयारी में सुधार किया। यही निरंतर प्रयास अंततः उन्हें एसडीएम पद तक ले गया।

युवाओं को दिया तैयारी का संदेश

अपनी सफलता के अनुभव साझा करते हुए काजल ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के घंटों से ज्यादा जरूरी है विषयों की मजबूत समझ विकसित करना। यदि बुनियादी अवधारणाएं स्पष्ट हों तो तैयारी अधिक प्रभावी होती है।

उन्होंने यह भी कहा कि सकारात्मक वातावरण और परिवार का सहयोग उम्मीदवारों के आत्मविश्वास को मजबूत करता है। अच्छे मित्रों का साथ और नियमित अध्ययन भी सफलता की राह आसान बनाते हैं।

समाचारों से मिली तैयारी में मदद

काजल ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान वह नियमित रूप से राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समाचारों का अध्ययन करती थीं। इससे समसामयिक घटनाओं की समझ बेहतर हुई और परीक्षा की तैयारी को मजबूती मिली।

उनकी सफलता यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प, लगातार मेहनत और परिवार का भरोसा किसी भी लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.