SSCExamFraud – ऑनलाइन परीक्षा घोटाले की जांच में सामने आए बड़े खुलासे
SSCExamFraud – एसएससी ऑनलाइन परीक्षा में कथित नकल और तकनीकी हेरफेर से जुड़े मामले की जांच अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गई है। जांच एजेंसियों को पूछताछ के दौरान ऐसे इनपुट मिले हैं, जिनसे देश के कई राज्यों में संचालित सैकड़ों परीक्षा लैब संदेह के दायरे में आ गई हैं। अधिकारियों का मानना है कि कुछ केंद्रों में परीक्षा शुरू होने से पहले ही ऐसी तकनीकी व्यवस्था कर दी जाती थी, जिससे दूर बैठकर परीक्षा प्रणाली को नियंत्रित किया जा सके।

मामले की जांच कर रही एसटीएफ ने अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह आशंका भी जताई जा रही है कि परीक्षा संचालन से जुड़े कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत हो सकती है। हालांकि एजेंसियां अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।
संदिग्ध लैब नेटवर्क की जांच तेज
जांच एजेंसियों के अनुसार, एक आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने अलग-अलग राज्यों में बड़ी संख्या में परीक्षा लैब स्थापित करने का काम किया था। इनमें उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, हैदराबाद और हिमाचल प्रदेश जैसे क्षेत्र शामिल बताए जा रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि सभी केंद्रों में गड़बड़ी नहीं की गई, लेकिन कुछ चुनिंदा लैब को विशेष तकनीकी सेटअप के लिए तैयार किया गया था। जांचकर्ताओं को संदेह है कि ऐसे केंद्रों की संख्या 100 से अधिक हो सकती है। फिलहाल एजेंसियां इन सभी स्थानों की तकनीकी जांच कर रही हैं।
तकनीकी तरीके से किया जाता था नियंत्रण
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि लैब स्थापित करते समय नेटवर्क और सर्वर से जुड़ी विशेष सेटिंग की जाती थी। अधिकारियों के मुताबिक, कुछ मामलों में इंटरनेट केबल और सर्वर कनेक्शन को इस तरह जोड़ा जाता था कि बाहरी व्यक्ति सिस्टम तक पहुंच बना सके।
जांच एजेंसियों का कहना है कि इस व्यवस्था के जरिए परीक्षा केंद्र के कंप्यूटरों का रिमोट एक्सेस हासिल किया जाता था। इससे परीक्षा दे रहे उम्मीदवार की जगह बाहर बैठा व्यक्ति उत्तर दर्ज कर सकता था। अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया बेहद संगठित तरीके से संचालित की जाती थी।
सीसीटीवी निगरानी पर भी उठे सवाल
मामले की जांच में सीसीटीवी निगरानी प्रणाली को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ केंद्रों में कैमरों की लाइव फीड तक बाहरी लोगों की पहुंच होने की आशंका जताई जा रही है।
जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कैमरों के नेटवर्क में भी तकनीकी बदलाव किए गए थे। यदि ऐसा पाया जाता है तो यह सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक मानी जाएगी। फिलहाल फोरेंसिक और साइबर विशेषज्ञ विभिन्न डिजिटल उपकरणों और सर्वर डेटा की जांच में जुटे हुए हैं।
आगामी परीक्षाओं को लेकर सतर्कता बढ़ी
जांच के बीच एक परीक्षा केंद्र को अस्थायी रूप से बंद भी कराया गया है। पुलिस और एसटीएफ को आशंका थी कि आगामी परीक्षा में वहां गड़बड़ी हो सकती है। इसके बाद संबंधित केंद्र की गतिविधियों की गहन जांच शुरू की गई।
अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले में कई अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है, जिनकी तलाश जारी है। एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि इस नेटवर्क का संचालन कितने समय से हो रहा था और किन परीक्षाओं को प्रभावित किया गया।
परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
इस मामले के सामने आने के बाद ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल परीक्षा केंद्रों की नियमित तकनीकी ऑडिट और स्वतंत्र निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है।
जांच एजेंसियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। साथ ही देशभर के संदिग्ध परीक्षा केंद्रों की सूची तैयार कर उनकी तकनीकी जांच जारी रखी जाएगी।