ReligiousConversion – देहरादून में धर्म प्रचार की शिकायत पर शुरू हुई पुलिस जांच
ReligiousConversion – देहरादून के बसंत विहार थाना क्षेत्र में कथित धर्म परिवर्तन और धार्मिक प्रचार को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों और एक सामाजिक संगठन की ओर से पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई है। आरोप है कि कुछ महिलाएं घर-घर जाकर धर्म विशेष का प्रचार कर रही थीं और लोगों को कथित तौर पर प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रही थीं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

स्थानीय लोगों ने दी पुलिस को सूचना
शिकायत के अनुसार, कांवली माड़ी इलाके में दो महिलाएं क्षेत्र के घरों में जाकर धार्मिक प्रचार कर रही थीं। तहरीर में दावा किया गया है कि महिलाएं हिंदू परिवारों की महिलाओं से संपर्क कर उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रही थीं। स्थानीय निवासी दीपक कुमार ने इस गतिविधि की जानकारी एक संगठन के कार्यकर्ता इंद्रजीत को दी, जिसके बाद संगठन से जुड़े लोग मौके पर पहुंचे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मौके पर कुछ लोगों और महिलाओं के बीच बातचीत भी हुई। इसी दौरान स्थिति को देखते हुए पुलिस को सूचना दी गई। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम इलाके में पहुंची, लेकिन तब तक दोनों महिलाएं वहां से जा चुकी थीं।
पुलिस ने दोनों महिलाओं से की पूछताछ
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बाद में दोनों महिलाओं को विकास मॉल क्षेत्र से थाने लाया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई। शुरुआती स्तर पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाने में लगी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
थाना प्रभारी शेंकी कुमार ने बताया कि फिलहाल जांच जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
संगठन ने कानून के तहत कार्रवाई की मांग की
इस मामले में वीर सावरकर संगठन के संस्थापक अध्यक्ष कुलदीप स्वेडिया की ओर से पुलिस को लिखित शिकायत दी गई है। शिकायत में उत्तराखंड के धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत कार्रवाई करने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि यदि इस तरह की गतिविधियों पर समय रहते रोक नहीं लगी तो भविष्य में सामाजिक तनाव बढ़ सकता है।
हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी के खिलाफ मामला दर्ज होने की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और किस स्तर की कार्रवाई आवश्यक है।
क्षेत्र में चर्चा का विषय बना मामला
घटना के बाद इलाके में इस विषय को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी तरह का तनाव न बढ़े। पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में तथ्यों की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी होती है ताकि किसी भी समुदाय के बीच अनावश्यक विवाद की स्थिति पैदा न हो। फिलहाल पुलिस जांच पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है।