Protest – जंतर-मंतर घटना और नीट मुद्दे पर उत्तराखंड में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
Protest – दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ पुलिस कार्रवाई के विरोध में उत्तराखंड के चमोली और टिहरी जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। गोपेश्वर में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नगर तिराहे पर धरना दिया और छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार से मामले में जवाबदेही तय करने और संबंधित घटनाक्रम पर उचित कार्रवाई की मांग की गई।

गोपेश्वर में धरना देकर जताया विरोध
गोपेश्वर में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विरोध दर्ज कराया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश कुमार डिमरी ने कहा कि छात्रों के साथ बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री और गृह मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। साथ ही, नीट परीक्षा से जुड़े विवादों के बीच आत्महत्या करने वाले छात्र-छात्राओं के मामलों में निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई।
महिला कांग्रेस ने छात्रों के समर्थन में उठाई आवाज
महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष ऊषा रावत ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कठोर व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि आंदोलन को नियंत्रित करने के दौरान महिलाओं के साथ भी अनुचित व्यवहार किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उनके अनुसार, छात्रों की मांगों पर संवेदनशीलता से विचार किया जाना चाहिए और जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक पार्टी उनका समर्थन जारी रखेगी।
नई टिहरी में भी कांग्रेस का प्रदर्शन
इधर, नई टिहरी में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर नीट परीक्षा से जुड़े विवाद और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ कथित अभद्रता के विरोध में आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग रखी। कार्यकर्ताओं का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए निष्पक्ष जांच और समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है।
निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले की व्यापक और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में छात्रों का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। साथ ही, जंतर-मंतर की घटना की भी स्वतंत्र जांच कर तथ्यों के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाने की मांग की गई।