RefinedCookingOil – रिफाइंड तेल के इस्तेमाल पर विशेषज्ञों ने दी सलाह, जानिए किन बातों का रखें ध्यान…
RefinedCookingOil- भारतीय घरों में रिफाइंड कुकिंग ऑयल का उपयोग लंबे समय से किया जा रहा है। इसकी हल्की गंध, लंबे समय तक सुरक्षित रहने की क्षमता और विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाने में आसानी के कारण यह कई परिवारों की पहली पसंद बना हुआ है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि केवल तेल का प्रकार ही नहीं, बल्कि उसका इस्तेमाल करने का तरीका और मात्रा भी शरीर पर असर डालती है। ऐसे में रिफाइंड तेल को लेकर उपलब्ध तथ्यों को समझना जरूरी है।

रिफाइंड तेल की प्रोसेसिंग कैसे होती है?
रिफाइंड तेल को बाजार तक पहुंचाने से पहले कई औद्योगिक प्रक्रियाओं से गुजारा जाता है। इस दौरान तेल की अशुद्धियां, रंग और गंध को कम करने के लिए फिल्ट्रेशन तथा नियंत्रित तापमान पर प्रोसेसिंग की जाती है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य तेल की गुणवत्ता को स्थिर रखना और उसकी शेल्फ लाइफ बढ़ाना होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रोसेसिंग के दौरान कुछ प्राकृतिक तत्वों में कमी आ सकती है, इसलिए केवल “रिफाइंड” शब्द के आधार पर किसी तेल को पूरी तरह बेहतर या खराब मानना उचित नहीं माना जाता।
अधिक मात्रा में तेल का सेवन क्यों चिंता बढ़ाता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि चाहे रिफाइंड तेल हो या कोई अन्य खाद्य तेल, जरूरत से अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर में अतिरिक्त कैलोरी और वसा जमा हो सकती है। लंबे समय तक अत्यधिक तला-भुना भोजन खाने की आदत मोटापा, बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल और हृदय संबंधी समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकती है। इसलिए संतुलित आहार के साथ सीमित मात्रा में तेल का उपयोग करना अधिक उपयुक्त माना जाता है।
बार-बार गर्म किया गया तेल सेहत के लिए ठीक नहीं
विशेषज्ञ इस बात पर भी जोर देते हैं कि किसी भी खाद्य तेल को बार-बार तेज आंच पर गर्म करके दोबारा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। लगातार गर्म करने से तेल में ऐसे यौगिक बन सकते हैं जिन्हें स्वास्थ्य के लिए लाभकारी नहीं माना जाता। यही कारण है कि एक बार इस्तेमाल किए गए तेल को बार-बार तलने के लिए उपयोग करने से बचने की सलाह दी जाती है।
रिफाइंड तेल इस्तेमाल करते समय किन बातों का रखें ध्यान?
रोजमर्रा की रसोई में कुछ सामान्य सावधानियां अपनाकर तेल के बेहतर उपयोग की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, तेल को दोबारा गर्म करने से बचें, तले हुए भोजन का सेवन सीमित रखें और आवश्यकता के अनुसार ही तेल का उपयोग करें। समय-समय पर अलग-अलग प्रकार के खाद्य तेलों का संतुलित उपयोग भी लाभकारी माना जाता है। साथ ही पैक्ड तेल खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट की जांच करना भी जरूरी है।
स्वास्थ्य पर असर कई बातों पर निर्भर करता है
विशेषज्ञों का मानना है कि रिफाइंड तेल को पूरी तरह नुकसानदायक या पूरी तरह सुरक्षित कहना सही नहीं होगा। किसी भी तेल का स्वास्थ्य पर प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि उसका प्रकार क्या है, उसे किस तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है और व्यक्ति का संपूर्ण खानपान कैसा है। संतुलित आहार, नियंत्रित मात्रा में तेल का उपयोग और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बेहतर स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।