WrestlingEvent – गोंडा कुश्ती चैंपियनशिप में सांसद ने दिया बड़ा बयान
WrestlingEvent – उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में आयोजित ओपन सीनियर नेशनल रैंकिंग कुश्ती चैंपियनशिप के दौरान मंगलवार को राजनीति और खेल दोनों चर्चा का विषय बने रहे। नवाबगंज स्थित नंदनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में चल रही तीन दिवसीय प्रतियोगिता के अंतिम दिन कैसरगंज सांसद करण भूषण सिंह कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने महिला और पुरुष पहलवानों से मुलाकात कर प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने पहलवान विनेश फोगाट के हालिया बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जो बाद में चर्चा का केंद्र बन गई।

विनेश फोगाट के बयान पर दी प्रतिक्रिया
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में सांसद करण भूषण सिंह ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में शब्दों का चयन मर्यादित होना चाहिए। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि यदि कोई “बेशर्म” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करता है, तो यह उसकी सोच को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में हर व्यक्ति को अपनी सीमाओं और भाषा की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। सांसद ने कहा कि कई बार लोगों को बातें बुरी लगती हैं, लेकिन हर प्रतिक्रिया सार्वजनिक रूप से देना जरूरी नहीं होता।
देशभर से पहुंचे सैकड़ों पहलवान
चैंपियनशिप में देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में खिलाड़ी हिस्सा लेने पहुंचे हैं। आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता में लगभग 1400 महिला और पुरुष पहलवान शामिल हो रहे हैं। प्रतियोगिता में फ्री-स्टाइल और ग्रीको-रोमन दोनों श्रेणियों की स्पर्धाएं आयोजित की जा रही हैं। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता को युवा खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है, जहां उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है।
नंदनी नगर स्टेडियम की सुविधाओं की सराहना
सांसद करण भूषण सिंह ने नंदनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम की व्यवस्थाओं और बुनियादी ढांचे की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां मौजूद सेमी-डोम इंफ्रास्ट्रक्चर देश ही नहीं बल्कि एशिया के चुनिंदा बेहतर कुश्ती केंद्रों में गिना जा सकता है। खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को लेकर उन्होंने कहा कि इस तरह के आधुनिक खेल परिसर ग्रामीण और छोटे शहरों के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का बेहतर मौका देते हैं।
खेलों के जरिए युवाओं को बढ़ावा देने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान खेलों के महत्व पर भी चर्चा हुई। सांसद ने कहा कि कुश्ती भारत की पारंपरिक खेल संस्कृति का अहम हिस्सा रही है और सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं से युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें आगे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है।
प्रतियोगिता के अंतिम मुकाबलों पर नजर
तीन दिवसीय इस चैंपियनशिप के अंतिम दिन कई अहम मुकाबले आयोजित किए गए। दर्शकों की मौजूदगी में खिलाड़ियों ने अलग-अलग वर्गों में अपनी चुनौती पेश की। आयोजन समिति के अनुसार प्रतियोगिता के माध्यम से चयनित खिलाड़ियों को आगामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भी अवसर मिल सकता है।