Union Budget – योगी आदित्यनाथ ने यूपी के लिए संभावनाओं का खाका रखा
Union Budget – राजधानी लखनऊ में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय बजट पर विस्तृत प्रेस वार्ता करते हुए इसे उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को नई ऊर्जा देने वाला दस्तावेज बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विजनरी बजट” के लिए आभार जताया और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की भूमिका की सराहना की। सीएम ने कहा कि यह बजट सिर्फ आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि नीति, नीयत और परिणाम—तीनों का संतुलित प्रतिबिंब है। उनके अनुसार, पिछले ग्यारह वर्षों में केंद्र की योजनाएँ जमीन पर उतरी हैं, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए और भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरा।

सुधार, संतुलन और भविष्य केंद्रित दृष्टि
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में सुधार (reform), विकास (growth) और वित्तीय अनुशासन का स्पष्ट समन्वय दिखता है। यह दस्तावेज वर्तमान जरूरतों के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को भी ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि बजट नागरिकों को उनके मूल कर्तव्यों की याद दिलाते हुए समावेशी विकास की दिशा तय करता है। उनके मुताबिक किसान, युवा, महिलाएँ और गरीब—सभी वर्गों की आकांक्षाओं को इसमें स्थान मिला है, जो देश के सबसे बड़े राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
एमएसएमई और ओडीओपी को नई गति
सीएम योगी ने बताया कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे उत्तर प्रदेश की 96 लाख से अधिक इकाइयों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह राशि “एक जिला–एक उत्पाद” (ODOP) पहल को और मजबूत करेगी। डिजाइन, पैकेजिंग और ब्रांडिंग में सहायता से स्थानीय उद्योग वैश्विक बाजार में बेहतर पहचान बना सकेंगे। निर्यात संभावनाएँ बढ़ेंगी और पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक स्वरूप मिलेगा।
महिलाओं और युवाओं के लिए अवसर
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि पिछले नौ वर्षों में राज्य में महिला कार्यबल की भागीदारी लगातार बढ़ी है। पिछले वर्ष सात जिलों में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाए गए थे, और अब हर जिले में ऐसे छात्रावास उपलब्ध कराने का निर्णय स्वागत योग्य है। इससे न केवल सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता भी मजबूत होगी। साथ ही, युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार सृजन के नए रास्ते खुलेंगे।
पर्यटन और सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बजट पर्यटन क्षेत्र को नई ऊँचाई देगा। उन्होंने हालिया माघ मेले का उदाहरण देते हुए बताया कि बेहतर व्यवस्थाओं के कारण मकर संक्रांति पर ढाई करोड़, मौनी अमावस्या पर 4.5 करोड़, वसंत पंचमी पर 3.5 करोड़ और माघ पूर्णिमा पर 2.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम स्नान किया। उनके अनुसार, जब सरकार सुविधाएँ उपलब्ध कराती है तो धार्मिक पर्यटन स्वतः बढ़ता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलता है।
औद्योगिक और तकनीकी विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर हब के रूप में उभर रहा है और प्रस्तावित सेमीकंडक्टर पार्क से राज्य को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश के कुल मोबाइल उत्पादन का 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग का 60 प्रतिशत यूपी में हो रहा है, जिसका कुल मूल्य लगभग दो लाख करोड़ रुपये है। इसके अलावा, 225 शहरी निकायों की आबादी पाँच लाख से अधिक होने से शहरी अवसंरचना में बड़े निवेश की जरूरत और अवसर दोनों बढ़े हैं।
स्वास्थ्य, खेल और कौशल विकास
सीएम ने बताया कि राज्य के 98 जिला अस्पतालों की क्षमता दोगुनी की जाएगी, नए ट्रॉमा सेंटर खुलेंगे और “गोल्डन ऑवर” में उपचार की सुविधा बेहतर होगी। खेल क्षेत्र में समर्थ योजना के तहत स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। मेरठ में स्पोर्ट्स क्लस्टर, जबकि आगरा और लखनऊ के लेदर क्लस्टर को भी खेल उपकरण निर्माण से जोड़ा जाएगा। साथ ही, नए स्पोर्ट्स अकादमी, कॉलेज और प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किए जाएंगे।
वित्त आयोग, चिकित्सा और महिला उद्यमिता
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वित्त आयोग की हालिया सिफारिशों में उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक हिस्सेदारी मिलने की उम्मीद है। राज्य को मेडिकल टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा और वाराणसी में आयुर्वेद विश्वविद्यालय स्थापित होगा। “शी-मार्ट” पहल से ‘लखपति दीदी’ योजना को बल मिलेगा, जिससे ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि बजट में सड़क, गति और सुशासन—तीनों का संतुलन दिखता है।
रोजगार और आगामी राज्य बजट
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र के इस बजट को आधार बनाकर फरवरी में उत्तर प्रदेश का अपना बजट पेश किया जाएगा। उनके अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, शहरी विकास, स्वास्थ्य, पर्यटन, एमएसएमई और उद्योग क्षेत्रों में किए गए प्रावधान लाखों नए रोजगार पैदा करेंगे। उन्होंने पीडीए (पिछड़ा–दलित–अल्पसंख्यक) राजनीति पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि जब युवा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं, तब आलोचना करने वालों को आत्ममंथन करना चाहिए।



