उत्तर प्रदेश

RamMandir – चंपत राय के समर्थन में संत समाज, ट्रस्ट से इस्तीफा नामंजूर करने की अपील

RamMandir – राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अयोध्या के कई संतों ने सार्वजनिक रूप से उनके समर्थन में अपनी बात रखी है। प्रेस वार्ता में संत प्रतिनिधियों ने ट्रस्ट से आग्रह किया कि उनका इस्तीफा स्वीकार न किया जाए। उनका कहना है कि चंपत राय लंबे समय से धार्मिक और सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं तथा उनकी कार्यशैली और ईमानदारी पर उन्हें पूरा भरोसा है।

संतों ने जताया विश्वास

प्रेस वार्ता के दौरान संतों ने कहा कि चंपत राय के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार चंपत राय ने हमेशा पारदर्शिता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। संतों ने यह भी कहा कि किसी भी व्यक्ति की छवि पर बिना अंतिम जांच रिपोर्ट के टिप्पणी करना उचित नहीं माना जाना चाहिए।

SIT जांच का किया उल्लेख

संत समाज ने कहा कि पूरे मामले में विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने का अनुरोध स्वयं चंपत राय ने किया था। उनके अनुसार यह कदम जांच प्रक्रिया के प्रति उनके विश्वास और पारदर्शिता की भावना को दर्शाता है। संतों ने सरकार द्वारा SIT गठित किए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही तथ्यों के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाना चाहिए।

संयमित रुख की सराहना

संतों ने कहा कि विवाद के दौरान चंपत राय ने सार्वजनिक स्तर पर कोई तीखी प्रतिक्रिया नहीं दी और संयम बनाए रखा। उनके अनुसार इस पूरे घटनाक्रम में उन्होंने धैर्य का परिचय दिया है। संतों ने दावा किया कि अयोध्या के अनेक संत उनके साथ खड़े हैं और निष्पक्ष जांच पूरी होने तक किसी भी तरह के पूर्वाग्रह से बचने की आवश्यकता है।

ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर भी उठाए सवाल

प्रेस वार्ता के दौरान संतों ने राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक पहलुओं पर भी कुछ प्रश्न उठाए। उन्होंने ट्रस्ट के कोष की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्पष्टीकरण मांगा और पूछा कि इस संबंध में क्या कदम उठाए गए थे। इसके अलावा 11 जुलाई को प्रस्तावित ट्रस्ट बैठक के निर्धारित समय से पहले आयोजित किए जाने के कारणों पर भी स्पष्ट जानकारी देने की मांग की गई। संतों का कहना था कि इन सभी विषयों पर पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है।

जांच रिपोर्ट के बाद निर्णय की मांग

संत प्रतिनिधियों ने दोहराया कि पूरे मामले में अंतिम निर्णय जांच एजेंसियों की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तथ्यों के आधार पर ही उचित कार्रवाई होनी चाहिए और किसी भी निष्कर्ष पर जल्दबाजी में पहुंचने से बचना आवश्यक है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और संबंधित पक्षों की ओर से आगे की प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।

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