उत्तर प्रदेश

Investment – निवेश मित्र 3.0 से उद्योगों की मंजूरी प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी

Investment- उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में कारोबार को आसान बनाने के उद्देश्य से उद्योगों की स्वीकृति प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। डीरेगुलेशन-2.0 के तहत विकसित किए जा रहे निवेश मित्र 3.0 प्लेटफॉर्म में अब आवेदन जमा होने से लेकर उद्योग में व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने तक की पूरी प्रक्रिया की रीयल टाइम निगरानी की व्यवस्था जोड़ी गई है। इस नई प्रणाली से निवेशकों को अपने आवेदन की हर चरण की जानकारी ऑनलाइन मिल सकेगी और स्वीकृति प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

आवेदन की पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन दर्ज

नई व्यवस्था के तहत निवेश प्रस्ताव दर्ज करने के साथ ही उसकी डिजिटल ट्रैकिंग शुरू हो जाएगी। उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक विभिन्न विभागों से मिलने वाली स्वीकृतियों का पूरा रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि आवेदन किस विभाग में कितने समय तक लंबित रहा, किस स्तर पर आपत्ति दर्ज हुई और अतिरिक्त दस्तावेज या जानकारी कितनी बार मांगी गई।

लंबित मामलों पर होगी रीयल टाइम निगरानी

सरकार का उद्देश्य केवल ऑनलाइन आवेदन सुविधा देना नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया की लगातार निगरानी करना भी है। स्मार्ट डैशबोर्ड के माध्यम से अधिकारियों को उन मामलों की तुरंत जानकारी मिल सकेगी, जिनमें तय समय से अधिक देरी हो रही है। इससे अनावश्यक विलंब, बार-बार लगने वाली आपत्तियों और प्रक्रियागत बाधाओं की पहचान कर समय रहते उनका समाधान किया जा सकेगा।

केंद्र की सिफारिशों के अनुरूप लागू हुआ सुधार

डीरेगुलेशन-2.0 के तहत केंद्र सरकार ने राज्यों को सिंगल विंडो सिस्टम में एंड-टू-एंड टर्नअराउंड टाइम (TAT) की निगरानी, लंबित आवेदनों के विश्लेषण और स्वीकृति प्रक्रिया को अधिक दक्ष बनाने की सिफारिश की थी। उत्तर प्रदेश ने इन्हीं सुझावों को लागू करते हुए निवेश मित्र 3.0 में नई डिजिटल सुविधाएं शामिल की हैं, जिससे निवेशकों को एकीकृत और पारदर्शी सेवा उपलब्ध कराई जा सके।

सिंगापुर के डिजिटल मॉडल से मिली प्रेरणा

इस सुधार को तैयार करने में सिंगापुर के GoBusiness मॉडल को आधार बनाया गया है। वहां व्यापार पंजीकरण और लाइसेंस से जुड़ी अधिकांश सेवाएं एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित होती हैं। साथ ही, औसत निस्तारण समय सार्वजनिक किया जाता है और उपयोगकर्ताओं की शिकायतों तथा सुझावों के आधार पर प्रक्रियाओं में लगातार सुधार किया जाता है। इसी अवधारणा को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश में भी डिजिटल निगरानी प्रणाली को मजबूत किया गया है।

निवेशकों और प्रशासन दोनों को मिलेगा लाभ

अधिकारियों का मानना है कि निवेश मित्र 3.0 केवल आवेदन पोर्टल नहीं रहेगा, बल्कि एक इंटेलिजेंट मॉनिटरिंग सिस्टम के रूप में काम करेगा। इससे शासन स्तर पर नियमित समीक्षा करना आसान होगा और विभागों की जवाबदेही भी बढ़ेगी। स्वीकृति प्रक्रिया में पारदर्शिता आने से उद्योगों को समय पर मंजूरी मिलने की संभावना बढ़ेगी, जिससे निवेश परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ सकेंगी और व्यावसायिक उत्पादन भी निर्धारित समय में शुरू हो सकेगा।

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