High Court – शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता मामले में सरकार पर लगा जुर्माना
High Court- इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता से जुड़े मामले में प्रशासनिक स्तर पर हुई देरी को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार पर 50 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। High Court- अदालत ने यह टिप्पणी उस जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान की, जिसमें प्रदेश में शिक्षण संस्थानों की मान्यता से संबंधित प्रक्रिया और उसके क्रियान्वयन पर सवाल उठाए गए थे। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने की।

अधिकारियों की कार्यशैली पर जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि इस मामले में पहले भी संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया था। न्यायालय के अनुसार, विशेष सचिव की अध्यक्षता वाली समिति को शिक्षण संस्थानों की मान्यता देने या निरस्त करने से जुड़े मामलों पर विचार करना था, लेकिन लंबे समय बीत जाने के बाद भी समिति की बैठक आयोजित नहीं की गई। अदालत ने इस स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए इसे प्रशासनिक सुस्ती का उदाहरण बताया।
सरकार ने मांगा अतिरिक्त समय
राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत से मामले में हुई कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया। इस पर न्यायालय ने समय तो दिया, लेकिन साथ ही 50 हजार रुपये का हर्जाना भी लगाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह राशि अधिकारियों की लापरवाही और निर्धारित समय में आवश्यक कार्रवाई नहीं करने के कारण लगाई गई है।
अदालत ने लंबित प्रक्रिया पर जताई चिंता
खंडपीठ ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि संबंधित प्रक्रिया आखिर कब पूरी होगी। न्यायालय ने टिप्पणी की कि यदि जिम्मेदार अधिकारी समय पर बैठक भी नहीं कर पा रहे हैं, तो इससे पूरी प्रक्रिया प्रभावित होती है। अदालत ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर ऐसे मामलों में समयबद्ध कार्रवाई अपेक्षित होती है, विशेषकर जब विषय शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा हो।
अगली सुनवाई पर अधिकारी होंगे उपस्थित
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी। अदालत ने कहा कि उस दिन संबंधित विशेष सचिव व्यक्तिगत रूप से न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर अब तक की गई कार्रवाई और लिए गए निर्णय की जानकारी देंगे। न्यायालय ने यह भी संकेत दिया कि अगली सुनवाई में मामले की प्रगति का विस्तार से परीक्षण किया जाएगा।