EnergySaving – रेलवे स्टेशनों पर स्मार्ट लाइटिंग से होगी बिजली बचत
EnergySaving – ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने तकनीक आधारित नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस पहल के तहत लखनऊ जंक्शन सहित कई रेलवे स्टेशनों पर ऐसी स्मार्ट लाइटिंग प्रणाली विकसित की जा रही है, जिसमें ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही रोशनी स्वतः बढ़ जाएगी और ट्रेन के रवाना होने के बाद अतिरिक्त लाइटें अपने आप बंद हो जाएंगी। रेलवे का मानना है कि इससे बिजली की खपत में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी।

सेंसर तकनीक से संचालित होगी व्यवस्था
नई प्रणाली सेंसर आधारित तकनीक पर काम करेगी। रेलवे द्वारा विकसित किए जा रहे विशेष नियंत्रण तंत्र के जरिए प्लेटफॉर्म की रोशनी को वास्तविक समय में नियंत्रित किया जाएगा। सामान्य परिस्थितियों में रात के समय प्लेटफॉर्म पर सीमित संख्या में लाइटें जलती रहेंगी, जबकि ट्रेन के आगमन पर अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था स्वतः सक्रिय हो जाएगी। ट्रेन के प्रस्थान के बाद यह व्यवस्था फिर सामान्य मोड में लौट आएगी।
कई स्टेशनों पर होगा पहला चरण
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना को शुरुआती चरण में लखनऊ जंक्शन, गोरखपुर और अन्य प्रमुख स्टेशनों पर लागू किया जाएगा। इसके अलावा अमृत भारत योजना के तहत विकसित किए जा रहे स्टेशनों को भी इस पहल में शामिल किया जा रहा है। परियोजना के सफल संचालन के बाद इसे अन्य मंडलों के स्टेशनों तक विस्तारित करने की योजना है।
कंट्रोल रूम से होगा संचालन
नई व्यवस्था के लिए एक विशेष एप आधारित नियंत्रण प्रणाली विकसित की जा रही है। इसके माध्यम से रेलवे कंट्रोल रूम में मौजूद कर्मचारी विभिन्न विद्युत उपकरणों की निगरानी और संचालन कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर बिजली आपूर्ति को शुरू या बंद करने की प्रक्रिया भी डिजिटल माध्यम से पूरी की जा सकेगी। इससे संचालन अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनने की उम्मीद है।
पानी की टंकियों की निगरानी भी होगी
यह तकनीक केवल प्रकाश व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगी। रेलवे इसे पानी की टंकियों की निगरानी और संचालन में भी उपयोग करेगा। सेंसर की मदद से टंकी के भरने की जानकारी स्वतः कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगी। इसके बाद संबंधित प्रणाली स्वतः आवश्यक कार्रवाई कर सकेगी, जिससे पानी और बिजली दोनों संसाधनों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा।
लिफ्ट और एस्केलेटर भी होंगे स्मार्ट सिस्टम से जुड़े
रेलवे इस परियोजना के तहत लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाओं को भी डिजिटल नियंत्रण प्रणाली से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। इससे इन उपकरणों के संचालन और ऊर्जा खपत की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे रखरखाव और प्रबंधन प्रक्रियाओं में भी सुधार आएगा।
रियल टाइम मॉनीटरिंग से मिलेगी सटीक जानकारी
नई प्रणाली का एक महत्वपूर्ण पहलू रियल टाइम मॉनीटरिंग है। रेलवे स्टेशन के विभिन्न उपकरणों को सेंसर और केंद्रीकृत सर्वर से जोड़ा जाएगा। इससे किसी भी समय ऊर्जा खपत, उपकरणों की स्थिति और संचालन संबंधी आंकड़े तुरंत उपलब्ध हो सकेंगे। डिजिटल रिपोर्टिंग की सुविधा के कारण निर्णय लेने और संसाधनों के प्रबंधन में भी आसानी होगी।
ऊर्जा संरक्षण की दिशा में अहम कदम
पूर्वोत्तर रेलवे का कहना है कि ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लगातार नई तकनीकों को अपनाया जा रहा है। सौर ऊर्जा के उपयोग के साथ-साथ स्मार्ट नियंत्रण प्रणाली जैसी पहलें रेलवे के संचालन को अधिक टिकाऊ और आधुनिक बनाने में मदद करेंगी। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में ऐसी और तकनीकों को भी रेलवे नेटवर्क में शामिल किया जा सकता है।