उत्तर प्रदेश

DrugTrafficking – लखनऊ में अफीम तस्करी गिरोह का सदस्य एसटीएफ के हत्थे चढ़ा

DrugTrafficking – लखनऊ में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने एक ऐसे तस्कर को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से कई राज्यों में अफीम की सप्लाई करने वाले नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 1.426 किलोग्राम अफीम बरामद की है, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये आंकी जा रही है।

यह कार्रवाई मोहनलालगंज इलाके में की गई, जहां एसटीएफ टीम ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की गई, जिसमें कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, बीते कुछ समय से प्रदेश में सक्रिय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क पर नजर रखी जा रही थी। पुलिस उपाधीक्षक धर्मेश कुमार शाही के निर्देशन में टीम लगातार सूचना एकत्र कर रही थी। इसी दौरान जानकारी मिली कि एक तस्कर बड़ी मात्रा में अफीम लेकर मोहनलालगंज क्षेत्र से गुजरने वाला है।

सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर राघवेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने राधा स्वामी सत्संग आश्रम से लखनऊ की ओर जाने वाले मार्ग पर माधवखेड़ा हनुमान मंदिर के पास घेराबंदी की। जांच के दौरान संदिग्ध युवक को रोका गया और तलाशी लेने पर उसके पास से अफीम बरामद हुई।

कई राज्यों तक फैला था नेटवर्क

गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिहार के बेतिया निवासी शाहीम आलम के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने बताया कि वह एक संगठित गिरोह के साथ काम करता था, जो उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा तक अफीम की सप्लाई करता था।

आरोपी ने पुलिस को बताया कि गिरोह बेहद सतर्क तरीके से काम करता था। खरीददारों और सप्लायरों की पहचान सीमित लोगों तक ही रखी जाती थी। माल की डिलीवरी तय स्थानों पर की जाती थी, जहां संबंधित व्यक्ति खुद पहुंचकर भुगतान करता और सामान लेकर चला जाता था। इस पूरी प्रक्रिया में मोबाइल संपर्क और पहचान को गोपनीय रखा जाता था ताकि पुलिस तक जानकारी न पहुंचे।

एक किलो अफीम पर लाखों की कमाई

एसटीएफ की पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह एक किलो अफीम की सप्लाई के बदले करीब 6 से 7 लाख रुपये तक वसूलता था। तस्करी से जुड़े लोग अलग-अलग राज्यों में छोटे नेटवर्क बनाकर काम करते थे। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह का संबंध अन्य बड़े तस्करी नेटवर्क से भी हो सकता है।

अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर कई स्थानों पर छानबीन की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अफीम की खेप कहां से लाई जाती थी और किन लोगों तक इसकी आपूर्ति की जाती थी।

एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज

एसटीएफ की कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ मोहनलालगंज थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

प्रदेश में लगातार बढ़ रही मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से अवैध नशे के कारोबार से जुड़े एक बड़े नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

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