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SanaMir – महिला क्रिकेटरों के समर्थन में उतरीं पूर्व कप्तान, सोच बदलने की अपील

SanaMir – महिला टी20 विश्व कप 2026 में पाकिस्तान टीम का अभियान जीत के साथ समाप्त हुआ, लेकिन टीम लीग चरण से आगे नहीं बढ़ सकी। टूर्नामेंट में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद खिलाड़ियों की आलोचना तेज हो गई। इसी बीच पाकिस्तान की पूर्व कप्तान सना मीर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर महिला क्रिकेटरों के खिलाफ बढ़ती नकारात्मकता, लैंगिक भेदभाव और ऑनलाइन उत्पीड़न को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने समाज से महिला खिलाड़ियों के प्रति नजरिया बदलने की अपील की।

महिला क्रिकेट की उपलब्धियों की दिलाई याद

सना मीर ने कहा कि किसी एक खराब टूर्नामेंट के आधार पर पूरी टीम की उपलब्धियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि पाकिस्तान महिला टीम ने अतीत में कई मजबूत देशों को हराया है और टी20 विश्व कप में भारत के खिलाफ भी उल्लेखनीय जीत दर्ज की है। उनके अनुसार, वर्षों की मेहनत से महिला क्रिकेट ने देश के लिए कई यादगार उपलब्धियां हासिल की हैं, जिन्हें केवल एक असफल अभियान के कारण भुलाया नहीं जा सकता।

मानसिकता बदलने की बताई जरूरत

पूर्व कप्तान ने कहा कि महिला खिलाड़ियों के प्रति समाज का रवैया अब भी चिंता का विषय है। उनका मानना है कि महिलाओं से छोटी-सी गलती होने पर उन्हें जरूरत से ज्यादा आलोचना का सामना करना पड़ता है, जिससे उनका आत्मविश्वास प्रभावित होता है। सना मीर ने कहा कि खेल के विकास के लिए खिलाड़ियों को रचनात्मक समर्थन मिलना चाहिए, न कि केवल व्यक्तिगत हमलों का सामना करना पड़े।

ऑस्ट्रेलिया का दिया उदाहरण

सना मीर ने महिला क्रिकेट के विकास को लेकर ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण भी पेश किया। उन्होंने कहा कि वहां पुरुष खिलाड़ियों ने भी महिला क्रिकेटरों को बराबरी का सम्मान और बेहतर अवसर दिलाने के लिए आवाज उठाई थी। उनके अनुसार, खेल में समान अवसर और सम्मान मिलने से ही महिला क्रिकेट लगातार नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।

शाहिद अफरीदी के पुराने बयान पर जताई आपत्ति

पूर्व कप्तान ने पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी के उस पुराने बयान पर भी नाराजगी व्यक्त की, जिसमें उन्होंने महिलाओं को क्रिकेट की बजाय खाना बनाने पर ध्यान देने की बात कही थी। सना मीर का कहना था कि ऐसे बयान महिला खिलाड़ियों के मनोबल को प्रभावित करते हैं और समाज में गलत संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि खेल में प्रदर्शन के आधार पर चर्चा होनी चाहिए, न कि किसी खिलाड़ी के जेंडर के आधार पर।

फर्जी सामग्री और ऑनलाइन ट्रोलिंग पर चिंता

सना मीर ने सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे एआई आधारित फर्जी वीडियो और भ्रामक सामग्री को भी गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों और उनके परिवारों को निशाना बनाने वाली ऐसी गतिविधियां किसी भी खेल संस्कृति के लिए उचित नहीं हैं। उनके अनुसार, आलोचना हमेशा तथ्यों और खेल प्रदर्शन तक सीमित रहनी चाहिए, ताकि खिलाड़ियों के सम्मान और मानसिक स्वास्थ्य पर अनावश्यक असर न पड़े।

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