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BenStokes – अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई पर कप्तान ने बताई भावुक वजह

BenStokes – इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के अपने फैसले के पीछे की वजह सार्वजनिक करते हुए कहा कि यह निर्णय किसी एक घटना का परिणाम नहीं, बल्कि लंबे समय से महसूस हो रही मानसिक और शारीरिक थकान के बाद लिया गया है। उनके अनुसार, इस कदम से वह क्रिकेट के प्रति अपना जुनून बरकरार रख सकेंगे और मौजूदा समय में यही उनके लिए सबसे उचित फैसला है।

खुद के लिए सही समय मानते हैं स्टोक्स

स्काई स्पोर्ट्स से बातचीत में स्टोक्स ने कहा कि कुछ लोगों को उनका फैसला व्यक्तिगत या स्वार्थपूर्ण लग सकता है, लेकिन उन्होंने वही रास्ता चुना है जो उन्हें सही लगा। उनका कहना था कि क्रिकेट ने उन्हें जीवन में बहुत कुछ दिया है और वह चाहते हैं कि इस खेल के प्रति उनका लगाव हमेशा बना रहे। 15 वर्षों के अंतरराष्ट्रीय करियर में स्टोक्स ने इंग्लैंड के लिए 122 टेस्ट, 114 वनडे और 43 टी20 मुकाबले खेले।

संन्यास का विचार पहले से था

स्टोक्स ने स्पष्ट किया कि हाल में हुई किसी अनुशासनात्मक घटना का उनके फैसले से सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में एशेज सीरीज के बाद ही उनके मन में संन्यास का विचार आने लगा था। लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान उन्हें फिर वही मानसिक थकान महसूस हुई, जिसने उन्हें अपने भविष्य पर गंभीरता से सोचने के लिए मजबूर किया। उनके मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों की परिस्थितियों ने केवल उनके फैसले को और मजबूत किया।

जो रूट से बातचीत बनी निर्णायक

इंग्लैंड के कप्तान ने बताया कि लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान साथी खिलाड़ी जो रूट के साथ हुई बातचीत के बाद उन्हें एहसास हुआ कि अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया, बल्कि कई महीनों के विचार-विमर्श और आत्ममंथन के बाद सामने आया।

डरहम में फिर मिला खेल का आनंद

दूसरे टेस्ट से बाहर रहने के दौरान स्टोक्स ने अपने घरेलू क्लब डरहम के लिए क्रिकेट खेला। उन्होंने कहा कि वहां मैदान पर उतरने के बाद उन्हें दोबारा खेल का आनंद महसूस हुआ। हालांकि, इंग्लैंड टीम में लौटने के बाद वह उसी मानसिक स्थिति को फिर हासिल नहीं कर सके। अब वह घरेलू क्रिकेट में खेलना जारी रखेंगे और अपने क्लब के साथ समय बिताने को लेकर उत्साहित हैं।

परिवार ने करीब से देखा संघर्ष

35 वर्षीय स्टोक्स ने स्वीकार किया कि पिछले कुछ वर्षों में लगातार चोटों और मानसिक दबाव ने उन्हें काफी प्रभावित किया। घुटने, हैमस्ट्रिंग, कंधे और अन्य चोटों के कारण उन्हें बार-बार कठिन दौर से गुजरना पड़ा। उन्होंने कहा कि कप्तानी उनके करियर का सबसे बड़ा सम्मान रही, लेकिन इसके साथ आने वाले दबाव को उनके परिवार और करीबी लोगों ने बेहद करीब से महसूस किया।

शानदार उपलब्धियों के साथ करियर को कहा अलविदा

स्टोक्स ने कहा कि उन्हें अपने अंतरराष्ट्रीय करियर पर पूरा गर्व है और किसी तरह का पछतावा नहीं है। उन्होंने इंग्लैंड को 2019 वनडे विश्व कप जिताने, 2022 टी20 विश्व कप जीतने और एशेज में यादगार प्रदर्शन जैसी उपलब्धियों को अपने करियर की खास यादें बताया। संन्यास की घोषणा के तुरंत बाद ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में विकेट हासिल करना भी उनके करियर का एक भावुक और यादगार पल बन गया।

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