उत्तर प्रदेश

Ayodhya – राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर नेताओं की प्रतिक्रियाएं, जांच पर बढ़ा जोर

Ayodhya – अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नई बहस को जन्म दिया है। मामले की जांच के बीच बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद के पूर्व वादी इकबाल अंसारी ने घटना पर चिंता जताते हुए इसे आस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और यदि किसी ने श्रद्धालुओं की भावनाओं से खिलवाड़ किया है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

इकबाल अंसारी ने जताई चिंता

इकबाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या को देश की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है और यहां होने वाली किसी भी अनियमितता से लोगों की भावनाएं प्रभावित होती हैं। उनके अनुसार, भगवान राम को अर्पित माला और अन्य पूजनीय वस्तुओं के गायब होने जैसी खबरें बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।

उपमुख्यमंत्री ने विपक्ष पर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जांच पूरी होने से पहले कुछ राजनीतिक दल इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है और प्राथमिकी दर्ज होने के बाद कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है। उनके अनुसार, जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सरकार की कार्रवाई का किया समर्थन

सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण राजभर ने कहा कि राज्य सरकार संवेदनशील मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा एसआईटी जांच के निर्देश दिए जाने से स्पष्ट है कि सरकार पूरे मामले की तह तक पहुंचना चाहती है। उनके मुताबिक, धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी।

विपक्ष ने उठाई जवाबदेही की मांग

समाजवादी पार्टी के नेता पवन पांडेय ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि यह करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है और केवल निचले स्तर पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। उन्होंने मांग की कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या संरक्षण की भूमिका सामने आती है, तो जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।

संजय राउत ने भी उठाए सवाल

शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता संजय राउत ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर दावा किया कि राम मंदिर निर्माण के दौरान शिवसेना की ओर से दान की गई चांदी की ईंट को लेकर अब तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि यदि दान की गई वस्तुओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो पूरे मामले की पारदर्शी जांच होनी चाहिए और संबंधित पक्षों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।

जांच पर सभी की नजर

राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक प्रतिनिधियों की प्रतिक्रियाओं के बीच अब सभी की नजर जांच प्रक्रिया पर टिकी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच जारी है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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