Women’sT20WC – ऑस्ट्रेलिया मुकाबले पर टिकी भारत की सेमीफाइनल की उम्मीदें
Women’sT20WC – महिला टी20 विश्व कप में भारतीय टीम का सेमीफाइनल का सफर अब अपने अंतिम ग्रुप मुकाबले पर आकर टिक गया है। शुरुआती दो मैच जीतने के बाद भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन बांग्लादेश पर मिली बड़ी जीत ने टीम की उम्मीदों को फिर मजबूत कर दिया। बेहतर नेट रन रेट की बदौलत भारतीय टीम फिलहाल ग्रुप ए में मजबूत स्थिति में है। अब रविवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाला मुकाबला भारत के लिए बेहद अहम रहने वाला है।

अंक तालिका में भारत की स्थिति
ग्रुप ए में ऑस्ट्रेलिया चार मैचों में आठ अंक लेकर शीर्ष स्थान पर है। भारत और दक्षिण अफ्रीका के खाते में समान छह-छह अंक हैं, लेकिन नेट रन रेट के मामले में भारतीय टीम को स्पष्ट बढ़त हासिल है। भारत का नेट रन रेट दक्षिण अफ्रीका से काफी बेहतर है, जिससे अंतिम मुकाबलों के नतीजे से पहले टीम को महत्वपूर्ण बढ़त मिल रही है।
समान नतीजों की स्थिति में भारत को फायदा
यदि भारत और दक्षिण अफ्रीका अपने-अपने आखिरी मुकाबलों में एक जैसा परिणाम हासिल करते हैं, चाहे दोनों जीतें या दोनों हारें, तो बेहतर नेट रन रेट के कारण भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने की संभावना मजबूत रहेगी। वहीं यदि दक्षिण अफ्रीका बांग्लादेश से हार जाता है और भारत ऑस्ट्रेलिया को मात देता है, तब भी भारतीय टीम अंतिम चार में अपनी जगह सुनिश्चित कर लेगी।
तीन टीमों के बराबर अंक होने की स्थिति
एक अन्य संभावना यह भी है कि भारत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार जाए, जबकि दक्षिण अफ्रीका बांग्लादेश पर बड़ी जीत दर्ज करे। ऐसी स्थिति में तीनों टीमों के अंक बराबर हो सकते हैं। तब फैसला नेट रन रेट के आधार पर होगा। इसलिए भारत के लिए केवल अंक ही नहीं, बल्कि प्रदर्शन का अंतर भी महत्वपूर्ण रहेगा।
हार की स्थिति में मुश्किल बढ़ेगी
यदि ऑस्ट्रेलिया अपने अंतिम मुकाबले में भारत को हरा देता है और दक्षिण अफ्रीका भी बांग्लादेश के खिलाफ जीत दर्ज कर लेता है, तो ऑस्ट्रेलिया 10 अंकों के साथ शीर्ष पर रहेगा, जबकि दक्षिण अफ्रीका आठ अंकों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच जाएगा। ऐसी स्थिति में भारत छह अंकों पर ही रह जाएगा और उसका अभियान ग्रुप चरण में समाप्त हो जाएगा।
निर्णायक मुकाबले पर रहेंगी सभी की नजरें
भारतीय टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ प्रभावशाली जीत के साथ अपना नेट रन रेट मजबूत किया है, जो अब उसके लिए सबसे बड़ा सहारा बन सकता है। हालांकि अंतिम फैसला ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ प्रदर्शन और दक्षिण अफ्रीका-बांग्लादेश मुकाबले के नतीजे पर निर्भर करेगा। ऐसे में ग्रुप ए के आखिरी दोनों मुकाबले सेमीफाइनल की तस्वीर पूरी तरह साफ कर देंगे।