T20WorldCup – नामीबिया मुकाबले से पहले भारतीय टीम चिंतित
T20WorldCup – टी20 विश्व कप में गुरुवार को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भारत और नामीबिया के बीच मुकाबला खेला जाएगा। कागजों पर यह मैच एकतरफा माना जा रहा है, लेकिन भारतीय टीम प्रबंधन पूरी तरह निश्चिंत नहीं है। इसकी वजह विपक्षी टीम नहीं, बल्कि अपने ही खिलाड़ियों की फिटनेस से जुड़ी चिंताएं हैं। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की तबीयत और ईशान किशन की चोट ने टीम की रणनीति पर हल्का सा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है।

अभिषेक की तबीयत ने बढ़ाई सतर्कता
भारत के युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा हाल ही में पेट के संक्रमण और वायरल बुखार से जूझते हुए अस्पताल में भर्ती रहे। हालांकि अब उन्हें छुट्टी मिल चुकी है, लेकिन टीम प्रबंधन जल्दबाजी में उन्हें मैदान पर उतारने के मूड में नहीं दिख रहा। बड़े टूर्नामेंट में खिलाड़ी की फिटनेस सबसे अहम होती है, खासकर तब जब सामने पाकिस्तान जैसा बड़ा मुकाबला हो।
टीम सूत्रों के अनुसार, अभिषेक की स्थिति स्थिर है, लेकिन पूरी तरह फिट होने में थोड़ा समय लग सकता है। ऐसे में नामीबिया के खिलाफ उन्हें आराम देना एक रणनीतिक फैसला हो सकता है। भारतीय टीम जानती है कि यह मैच अपेक्षाकृत आसान है, इसलिए किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचा जा सकता है।
ईशान किशन की चोट से असमंजस
अभिषेक के बाद ईशान किशन को लेकर भी चिंता सामने आई। बुधवार को अभ्यास सत्र के दौरान जसप्रीत बुमराह की एक तेज यॉर्कर उनके बाएं पैर के अंगूठे पर जा लगी। चोट लगते ही वह दर्द में दिखाई दिए और सपोर्ट स्टाफ तुरंत मैदान पर पहुंचा।
कुछ मिनटों की जांच के बाद ईशान ने दोबारा पैड पहनकर बल्लेबाजी की कोशिश जरूर की, लेकिन पूरी तरह सहज नहीं दिखे। बाद में वह ड्रेसिंग रूम लौट गए। टीम प्रबंधन ने आधिकारिक तौर पर चोट को गंभीर नहीं बताया है, फिर भी अंतिम एकादश को लेकर स्थिति साफ नहीं है।
अगर ईशान पूरी तरह फिट नहीं होते, तो ओपनिंग संयोजन में बदलाव तय माना जा रहा है।
संजू सैमसन के लिए मौका
लगातार असफलताओं के कारण टीम से बाहर हुए संजू सैमसन के लिए यह मैच एक अवसर बन सकता है। सहायक कोच रेयान टेन डेशकाटे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि संजू मानसिक रूप से तैयार हैं और टीम की जरूरत के अनुसार अपनी भूमिका निभाने को तैयार हैं।
टीम सूत्रों का मानना है कि यदि अभिषेक और ईशान दोनों उपलब्ध नहीं होते, तो संजू को वॉशिंगटन सुंदर के साथ पारी की शुरुआत करने का मौका दिया जा सकता है। ऐसे में यह मुकाबला उनके लिए लय हासिल करने का अहम मंच बन सकता है।
दिल्ली की पिच पर आक्रामक खेल की उम्मीद
भारत ने अपने पहले मैच में अमेरिका के खिलाफ चिपचिपी पिच पर संघर्ष किया था। बल्लेबाज अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। लेकिन अरुण जेटली स्टेडियम की सतह बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है।
अगर भारत टॉस जीतता है तो पहले बल्लेबाजी का विकल्प चुन सकता है, ताकि शीर्ष क्रम को खुलकर खेलने का मौका मिले। पाकिस्तान के खिलाफ 15 फरवरी को होने वाले अहम मुकाबले से पहले यह मैच लय पकड़ने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नामीबिया के सामने कड़ी परीक्षा
नामीबिया की टीम इस मैदान पर पहले भी संघर्ष करती दिखी है। उनके शीर्ष छह बल्लेबाजों में केवल जेजे स्मिट का स्ट्राइक रेट 140 से ऊपर है। भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सामने उनकी परीक्षा आसान नहीं होगी।
जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, हार्दिक पंड्या और वरुण चक्रवर्ती की विविधता से भरी गेंदबाजी किसी भी टीम को दबाव में ला सकती है। टूर्नामेंट से पहले अभ्यास मैच में भारत ए ने नामीबिया को 100 रन के भीतर समेट दिया था, जिससे ताकत का अंतर साफ झलकता है।
सुपर आठ की राह और आगे की रणनीति
टूर्नामेंट की संरचना ऐसी है कि भारत को लीग चरण में अपेक्षाकृत कमजोर टीमों से मुकाबला करना है। पाकिस्तान के खिलाफ मैच व्यावसायिक और प्रतिस्पर्धात्मक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जबकि अन्य मैचों में टीम संयोजन आजमाने का अवसर मिल सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि भारत का सुपर आठ में पहुंचना लगभग तय है। असली चुनौती नॉकआउट चरण में सामने आएगी। फिलहाल टीम का फोकस खिलाड़ियों को फिट रखना और सही संयोजन तय करना है।
संभावित प्लेइंग इलेवन
भारत: संजू सैमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव, शिवम दुबे, हार्दिक पांड्या, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह।
नामीबिया: लॉरेन स्टीनकैंप, जान फ्रायलिंक, जान निकोल लॉफ्टी-ईटन, गेरहार्ड इरास्मस (कप्तान), जेजे स्मिट, ज़ेन ग्रीन, डिलन लीचर, रूबेन ट्रम्पेलमैन, विलेम मिबर्ग, बर्नार्ड शोल्ट्ज, मैक्स हिंगो।