WestBengal – पनिहाटी में भाजपा कार्यकर्ताओं पर बम हमला, पांच घायल…
WestBengal – पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के पनिहाटी इलाके में गुरुवार देर रात हिंसा की एक गंभीर घटना सामने आई। यहां भाजपा कार्यकर्ताओं पर कथित तौर पर देशी बम से हमला किया गया, जिसमें कम से कम पांच लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार घटना वार्ड नंबर 2 स्थित दत्ता रोड इलाके में हुई। यह हमला ऐसे समय हुआ जब कुछ घंटे पहले ही भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या की खबर सामने आई थी, जिससे राजनीतिक माहौल पहले से ही तनावपूर्ण बना हुआ है।

बाइक सवार हमलावरों ने किया हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ भाजपा कार्यकर्ता इलाके में स्थानीय लोगों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार चार लोग वहां पहुंचे और अचानक बम फेंकना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि लगातार तीन बम फेंके गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
हमले में घायल हुए भाजपा कार्यकर्ताओं को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
पुलिस और केंद्रीय बल ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही खरदाह पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा स्थिति को देखते हुए केंद्रीय बलों की भी तैनाती की गई। पुलिस ने पूरे इलाके में गश्त बढ़ा दी है और हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।
जांच एजेंसियां आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। पुलिस ने कहा है कि आरोपियों की तलाश में अभियान चलाया जा रहा है और मामले की हर पहलू से जांच की जाएगी।
शुभेंदु अधिकारी ने सरकार पर साधा निशाना
घटना के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में लंबे समय से राजनीतिक हिंसा का माहौल बना हुआ है और हाल की घटनाएं उसी का परिणाम हैं।
शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि विभिन्न जिलों में भाजपा कार्यकर्ताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने खरदाह और बसीरहाट की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस पर लगाए गए आरोप
भाजपा ने इस हमले के लिए तृणमूल कांग्रेस से जुड़े लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी नेताओं का दावा है कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के चुनावी नतीजों के बाद राज्य में विभिन्न इलाकों से हिंसा की खबरें आने से राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। कई स्थानों पर अलग-अलग दलों के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की घटनाएं दर्ज की गई हैं।
चुनाव परिणामों के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
4 मई को विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से राज्य के कई हिस्सों में राजनीतिक हिंसा की घटनाओं की खबरें सामने आई हैं। कुछ जगहों पर पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ और पोस्टर फाड़ने जैसी घटनाएं भी हुईं। विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर हमलों के आरोप लगाए हैं।
पुलिस प्रशासन ने कहा है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।