TaxiRules – मुंबई में राइड रद्द करने वाले ड्राइवरों पर बढ़ेगा जुर्माना
TaxiRules– महाराष्ट्र सरकार ने ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं को लेकर नए नियम लागू किए हैं, जिनका उद्देश्य यात्रियों को बेहतर और भरोसेमंद सेवा उपलब्ध कराना है। विशेष रूप से एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और अस्पताल जैसी जरूरी जगहों के लिए बुक की गई टैक्सी को अंतिम समय में रद्द करने वाले ड्राइवरों के खिलाफ अब पहले से अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का मानना है कि ऐसे मामलों में यात्रियों को गंभीर असुविधा होती है, इसलिए नियमों को और कड़ा बनाया गया है।

महत्वपूर्ण राइड रद्द करने पर लगेगा अधिक जुर्माना
महाराष्ट्र मोटर वाहन एग्रीगेटर नियम, 2026 के तहत यदि कोई ड्राइवर स्वीकार की गई राइड को बिना उचित कारण रद्द करता है, तो उस पर किराये का 10 प्रतिशत या अधिकतम 100 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, यदि राइड एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या अस्पताल जैसी आवश्यक सेवाओं से जुड़ी होगी, तो सामान्य जुर्माने की तुलना में पांच गुना अधिक राशि वसूली जाएगी। यह जुर्माना संबंधित यात्री के ऐप खाते में जमा कराया जाएगा।
समय पर नहीं पहुंचने पर भी होगी कार्रवाई
नए नियमों के अनुसार, यदि ड्राइवर निर्धारित समय के बाद भी 10 मिनट के भीतर यात्री के पास नहीं पहुंचता है, तो उस स्थिति को भी राइड रद्द माना जाएगा। ऐसे मामलों में भी जुर्माने का प्रावधान लागू होगा। सरकार ने एग्रीगेटर कंपनियों को ऐसी तकनीकी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे आवश्यक यात्राओं के लिए बुक की गई टैक्सी अनावश्यक रूप से रद्द न की जा सके।
खराबी आने पर देनी होगी दूसरी गाड़ी
यात्रा के दौरान वाहन में तकनीकी खराबी आने की स्थिति में अब यात्रियों को इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नए नियमों के तहत संबंधित एग्रीगेटर कंपनी को वैकल्पिक वाहन उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। शहर या नगर निगम क्षेत्र के भीतर 30 मिनट के अंदर दूसरी टैक्सी भेजनी होगी, जबकि 100 किलोमीटर से अधिक दूरी की यात्रा होने पर 60 मिनट के भीतर वैकल्पिक वाहन उपलब्ध कराना आवश्यक रहेगा।
यात्रियों की सुविधा के लिए बढ़ाई गई सेवाएं
सरकार ने ऐप आधारित टैक्सी कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर 24 घंटे कॉल सेंटर, प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली, लाइव लोकेशन साझा करने की सुविधा और ड्राइवर की स्पष्ट पहचान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सेवाएं मराठी, हिंदी और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध कराना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि किसी भी स्थिति में सहायता प्राप्त करना आसान हो।
ड्राइवरों के लिए भी तय किए गए नए मानदंड
नियमों में ड्राइवरों को एक से अधिक एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म के साथ काम करने की अनुमति दी गई है। हालांकि, इसके साथ सुरक्षा संबंधी शर्तों को भी अनिवार्य बनाया गया है। सभी ड्राइवरों के लिए पुलिस सत्यापन, चिकित्सीय जांच और मनोवैज्ञानिक परीक्षण पूरा करना आवश्यक होगा। सरकार का कहना है कि इन उपायों से यात्रियों की सुरक्षा और सेवा की गुणवत्ता दोनों में सुधार आएगा।
यात्रियों के हितों पर सरकार का जोर
राज्य सरकार का उद्देश्य ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाना है। नए नियमों के लागू होने से यात्रियों को समय पर सेवा मिलने की उम्मीद है, जबकि कंपनियों और ड्राइवरों की जिम्मेदारी भी पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट हो जाएगी।