SecuritySummit – दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों को लेकर कड़ी की गई सुरक्षा व्यवस्था
SecuritySummit – राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली अगले दो सप्ताह के दौरान दो बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी करने जा रही है। इन सम्मेलनों में दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधि, मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इसी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। केंद्र सरकार ने कानून-व्यवस्था और वीआईपी सुरक्षा के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की बड़ी तैनाती की मंजूरी दी है।

जानकारी के अनुसार, भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन और अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस सम्मेलन के दौरान दिल्ली में करीब 20 हजार केंद्रीय बलों के जवान और 500 कमांडो तैनात किए गए हैं। ये सभी जवान दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील इलाकों, वीआईपी मार्गों और आयोजन स्थलों पर निगरानी बढ़ा दी है।
दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर बढ़ाई गई सुरक्षा
इन अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पहले ही केंद्रीय गृह मंत्रालय से अतिरिक्त सुरक्षा बलों की मांग की थी। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि विदेशी प्रतिनिधियों और उच्चस्तरीय मेहमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त बलों की जरूरत होगी। इसके बाद गृह मंत्रालय ने सुरक्षा समीक्षा बैठक कर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां तैनात करने का फैसला लिया।
सुरक्षा व्यवस्था में सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ और एसएसबी के जवान शामिल हैं। इनमें सीआरपीएफ और बीएसएफ की सबसे अधिक कंपनियां राजधानी में तैनात की गई हैं। केंद्रीय बलों की यह तैनाती 18 मई से शुरू होकर 3 जून तक जारी रहेगी, ताकि सम्मेलन समाप्त होने और विदेशी मेहमानों की वापसी तक सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी बनी रहे।
जी20 सम्मेलन जैसी तैयारी
सुरक्षा एजेंसियां इन सम्मेलनों को लेकर वही सतर्कता बरत रही हैं, जैसी वर्ष 2023 में आयोजित जी20 सम्मेलन के दौरान देखी गई थी। उस समय भी दिल्ली में बड़े स्तर पर केंद्रीय बलों की तैनाती की गई थी और विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंधन किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, इस बार भी कई प्रशिक्षित कमांडो और विशेष सुरक्षा इकाइयों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वीआईपी मूवमेंट, एयरपोर्ट सुरक्षा, होटल परिसर और कार्यक्रम स्थलों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां संयुक्त रूप से निगरानी और यातायात प्रबंधन की योजना पर काम कर रही हैं।
भारत-अफ्रीका फोरम पर दुनिया की नजर
31 मई को आयोजित होने वाला चौथा भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन भारत और अफ्रीकी देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। इस सम्मेलन में अफ्रीकी संघ आयोग, विभिन्न अफ्रीकी देशों के प्रतिनिधि और क्षेत्रीय संगठनों के सदस्य हिस्सा लेंगे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, शिक्षा और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में भारत और अफ्रीका के रिश्तों को मजबूत करना है। सम्मेलन से पहले विदेश मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की कई तैयारी बैठकें भी आयोजित की जाएंगी। सरकार ने इस आयोजन के लिए विशेष वेबसाइट और थीम भी जारी की है।
वन्यजीव संरक्षण पर होगा वैश्विक मंथन
दिल्ली में एक और बड़ा आयोजन अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस शिखर सम्मेलन होगा, जो एक और दो जून को आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन का उद्देश्य दुनिया भर में बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण को लेकर साझा रणनीति तैयार करना है।
इस मंच पर शेर, बाघ, चीता, हिम तेंदुआ, जगुआर और प्यूमा जैसी प्रजातियों के संरक्षण पर चर्चा होगी। सम्मेलन में कई देशों के प्रतिनिधि, वैज्ञानिक, पर्यावरण विशेषज्ञ और संरक्षण संगठनों के सदस्य शामिल होंगे। आयोजन में जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श होने की संभावना है।