PuneMurderCase – केतन अग्रवाल मौत मामले में जांच तेज, आरोपियों के बयानों में दिखा विरोधाभास
PuneMurderCase – पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मौत मामले की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। लोहागढ़ किले से गिरने के बाद हुई 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी की मौत को अब पुलिस संदिग्ध परिस्थितियों में हुई हत्या के तौर पर जांच रही है। इस मामले में गिरफ्तार मंगेतर सिया गोयल और उसके परिचित चेतन चौधरी से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान दोनों एक-दूसरे पर साजिश रचने के आरोप लगा रहे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि दोनों के बयानों में कई महत्वपूर्ण विरोधाभास सामने आए हैं।

पूछताछ में सामने आए अलग-अलग दावे
पुलिस के अनुसार, सिया गोयल और केतन अग्रवाल की फरवरी में सगाई हुई थी और दोनों की शादी इसी वर्ष प्रस्तावित थी। पूछताछ में सिया ने दावा किया कि वह इस विवाह के लिए तैयार नहीं थी और उसने कई बार अपनी इच्छा के बारे में केतन को बताया था। दूसरी ओर, उसने आरोप लगाया कि चेतन चौधरी ने केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। वहीं चेतन ने पुलिस के सामने बिल्कुल अलग दावा करते हुए कहा कि हत्या की कथित योजना बनाने का दबाव सिया की ओर से डाला गया था। इन विरोधाभासी बयानों की पुलिस अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही है।
डिजिटल साक्ष्यों पर पुलिस का विशेष फोकस
जांच अधिकारियों के अनुसार, अब तक जुटाए गए प्रारंभिक साक्ष्य सिया गोयल की भूमिका की गहन जांच की आवश्यकता की ओर संकेत कर रहे हैं। पुलिस को जानकारी मिली है कि सिया और चेतन की मुलाकात पिछले वर्ष दिवाली के दौरान हुई थी, जिसके बाद दोनों लगातार संपर्क में रहे। जांच में मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों के बीच पिछले छह महीनों में 2,000 से अधिक बार बातचीत हुई और कई कॉल कई घंटों तक चलीं। हालांकि, पुलिस इन डिजिटल रिकॉर्ड की फोरेंसिक जांच भी कर रही है।
घटना से पहले मुलाकात और घटनास्थल की जांच
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से एक दिन पहले दोनों एक कैफे में मिले थे। अधिकारियों को संदेह है कि इस मुलाकात का संबंध मामले से हो सकता है, इसलिए इसके सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इसके अलावा, लोहागढ़ किले के उस स्थान का भी विस्तृत निरीक्षण किया गया है जहां से केतन के गिरने की घटना हुई थी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटनास्थल का चयन पहले से तय था या यह केवल संयोग था।
पहले की घटनाओं की भी हो रही पड़ताल
जांच एजेंसियां उन घटनाओं की भी समीक्षा कर रही हैं जो इस घटना से पहले हुई थीं। पुलिस के अनुसार, सिया और केतन 31 मई को भी लोहागढ़ किले गए थे। इसके अलावा, 14 जून की एक घटना की भी जांच की जा रही है, जिसमें कथित तौर पर केतन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश किए जाने की आशंका जताई गई है। फिलहाल इन सभी बिंदुओं की पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है।
दोनों परिवारों ने निष्पक्ष जांच की मांग की
मामले में सिया गोयल के माता-पिता ने कहा है कि यदि उनकी बेटी दोषी पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं केतन अग्रवाल के परिवार ने भी निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग दोहराई है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी 29 जून तक पुलिस हिरासत में हैं। जांच एजेंसियां मोबाइल फोन, चैट, कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष सभी उपलब्ध साक्ष्यों और जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।