HospitalFire – लोकबंधु अस्पताल परिसर में तड़के आग, कर्मचारियों ने समय रहते पाया काबू
HospitalFire – लखनऊ के आशियाना स्थित लोकबंधु अस्पताल परिसर में शुक्रवार तड़के आग लगने से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुबह करीब पांच बजे अस्पताल परिसर में संचालित आशा ज्योति केंद्र के वेटिंग एरिया में आग लगी। कर्मचारियों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए आग बुझाने के प्रयास शुरू किए और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति पर नियंत्रण पा लिया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा प्रारंभिक कारण
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। बताया गया कि वेटिंग एरिया की फॉल सीलिंग में अचानक चिंगारी उठी, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। कुछ ही देर में धुआं पूरे हिस्से में भरने लगा, जिससे मौके पर मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
कर्मचारियों ने फायर उपकरणों से संभाली स्थिति
आग लगते ही अस्पताल के कर्मचारी और सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने उपलब्ध फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। लगातार प्रयासों के बाद लगभग आधे घंटे में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। घटना की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों को भी दी गई, जिसके बाद पूरे मामले की समीक्षा शुरू कर दी गई।
पहले भी हो चुकी है बड़ी आग की घटना
लोकबंधु अस्पताल इससे पहले भी आग की गंभीर घटना का सामना कर चुका है। 14 अप्रैल 2025 को अस्पताल के आईसीयू और वार्ड के पास लगी आग में चिकित्सा उपकरण, जरूरी दस्तावेज और अन्य सामान को भारी नुकसान पहुंचा था। उस दौरान एहतियात के तौर पर करीब 200 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरे अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया था। उस घटना में एक व्यक्ति की मौत भी हुई थी, जिसके बाद अस्पताल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे।
फायर सेफ्टी परियोजना अब भी अधूरी
पिछली घटना के बाद अस्पताल में आग से सुरक्षा को मजबूत करने के लिए व्यापक कार्य शुरू किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से फायर-रेसिस्टेंट फॉल सीलिंग लगाने और आग लगने की स्थिति में स्वतः पानी का छिड़काव करने वाली प्रणाली स्थापित करने का काम जारी है। हालांकि, यह परियोजना अब तक पूरी नहीं हो सकी है। अधूरा कार्य होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बनी हुई है।
सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जरूरत
ताजा घटना के बाद अस्पताल परिसर में अग्नि सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता पर फिर चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्य संस्थानों में फायर सेफ्टी से जुड़े सभी कार्य समय पर पूरे होना बेहद आवश्यक है, ताकि मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन ने घटना की जानकारी मिलने के बाद मामले की समीक्षा शुरू कर दी है और आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी।