MumbaiTransport – पश्चिमी रेलवे में तकनीकी खराबी से लोकल सेवाएं प्रभावित, नई सड़क परियोजना को मिली मंजूरी
MumbaiTransport – मुंबई में शुक्रवार सुबह पश्चिमी रेलवे की उपनगरीय रेल सेवाएं तकनीकी कारणों से प्रभावित रहीं। ओवरहेड इलेक्ट्रिक प्रणाली और ट्रैक से जुड़े उपकरणों में आई खराबी के कारण कई लोकल ट्रेनें निर्धारित समय से 10 से 15 मिनट की देरी से चलीं। इसी बीच राज्य सरकार ने मुंबई की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 1,722.40 करोड़ रुपये की एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को भी मंजूरी दे दी है।

सुबह के व्यस्त समय में प्रभावित हुई रेल सेवाएं
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सुबह लगभग 6 बजे दादर और चर्चगेट के बीच डाउन-फास्ट लाइन पर ओवरहेड इलेक्ट्रिक सिस्टम में तकनीकी खराबी आ गई। इस वजह से उस मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। इसी दौरान अहमदाबाद जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को भी कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। रेलवे की तकनीकी टीम ने मरम्मत कार्य पूरा कर सुबह लगभग 7:22 बजे सेवा बहाल कर दी।
पॉइंट फेलियर से बढ़ी यात्रियों की परेशानी
पहली तकनीकी समस्या दूर होने के बाद चर्चगेट स्टेशन पर सुबह 8:10 बजे से 8:40 बजे के बीच पॉइंट फेलियर की दूसरी घटना सामने आई। इसके कारण अप और डाउन दोनों रेल लाइनों पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। सुबह के व्यस्त समय में बड़ी संख्या में यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ा। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि दोनों तकनीकी समस्याओं का समाधान कर लिया गया, लेकिन उनके प्रभाव के चलते लोकल ट्रेन सेवाएं कुछ समय तक निर्धारित समय से पीछे चलती रहीं। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से देरी की जानकारी साझा की।
नई सड़क परियोजना को मिली मंजूरी
इसी दिन महाराष्ट्र सरकार की कैबिनेट इंफ्रास्ट्रक्चर उप-समिति ने मुंबई की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 1,722.40 करोड़ रुपये की नई सड़क परियोजना को स्वीकृति प्रदान की। अधिकारियों के अनुसार, 3.55 किलोमीटर लंबी यह सड़क वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक के बांद्रा फोर्ट छोर को सावरकर सी ब्रिज से जोड़ेगी। परियोजना का निर्माण महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) की देखरेख में किया जाएगा।
यात्रा समय में होगी उल्लेखनीय कमी
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद दक्षिण मुंबई और पश्चिमी उपनगरों के बीच यात्रा काफी तेज हो जाएगी। अनुमान के अनुसार, वर्ली से फोर्ट तक पहुंचने में वर्तमान में लगने वाले लगभग 45 मिनट का समय घटकर 5 से 10 मिनट रह सकता है। वहीं, फोर्ट से वर्सोवा तक की यात्रा, जो अभी लगभग एक घंटे में पूरी होती है, भविष्य में 15 से 20 मिनट के भीतर संभव होने की उम्मीद है।
पुनर्वास और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर
परियोजना में विकास कार्यों के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय पहलुओं को भी शामिल किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, निर्माण के दौरान प्रभावित होने वाली लगभग 40 झुग्गियों के पुनर्वास के लिए 50 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा मछुआरा समुदाय के लिए 20 करोड़ रुपये और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े उपायों पर 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि यह परियोजना मई 2028 तक पूरी कर ली जाए, जिससे मुंबई की यातायात व्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।