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NEETUG – पुनर्परीक्षा के प्रश्नपत्र पहुंचाने में जुटे सुरक्षा और रक्षा तंत्र

NEETUG – मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने इस बार अभूतपूर्व व्यवस्था की है। 21 जून को होने वाली परीक्षा के प्रश्नपत्रों को देशभर में सुरक्षित पहुंचाने के लिए रक्षा, शिक्षा, गृह और संचार मंत्रालय सहित कई सरकारी एजेंसियों को एकीकृत रूप से जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों के अनुसार, प्रश्नपत्रों के परिवहन से लेकर परीक्षा केंद्रों तक उनकी निगरानी के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।

वायुसेना के हेलिकॉप्टरों से होगा प्रश्नपत्रों का परिवहन

प्रश्नपत्रों को दिल्ली से देश के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलिकॉप्टरों का उपयोग किया जाएगा। इन्हें पहले निर्धारित क्षेत्रीय केंद्रों तक ले जाया जाएगा, जहां से सेना के लॉजिस्टिक नेटवर्क और अन्य अधिकृत माध्यमों के जरिए उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार की अनधिकृत पहुंच की संभावना को न्यूनतम करना है।

प्रश्नपत्र निर्माण में अपनाई गई विशेष प्रक्रिया

सूत्रों के अनुसार, इस बार प्रश्नपत्र तैयार करने की पूरी प्रक्रिया सरकारी संस्थानों और अधिकृत विशेषज्ञों की निगरानी में संपन्न की गई। विभिन्न विषयों के अनुभवी शिक्षकों और विशेषज्ञों की मदद से प्रश्नपत्र तैयार किए गए, जिन्हें हिंदी, अंग्रेजी सहित 13 भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है।

अनुवाद कार्य में आधुनिक तकनीकी प्रणालियों का भी उपयोग किया गया, ताकि विभिन्न भाषाओं में प्रश्नों की शुद्धता और समानता बनी रहे। पूरी प्रक्रिया में गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।

उच्चस्तरीय समिति कर रही निगरानी

परीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए एक विशेष समन्वय समिति गठित की गई है। इसमें शिक्षा मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और डाक विभाग सहित कई केंद्रीय एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

यह समिति पूरे संचालन की समीक्षा कर रही है और सुरक्षा संबंधी प्रत्येक चरण पर नजर रख रही है। संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने के लिए नियमित स्तर पर निगरानी तंत्र भी सक्रिय किया गया है।

जीपीएस और लाइव निगरानी से होगी ट्रैकिंग

क्षेत्रीय केंद्रों से परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने वाले वाहनों को आधुनिक निगरानी प्रणाली से लैस किया जा रहा है। इनमें जीपीएस आधारित ट्रैकिंग के साथ लाइव कैमरा मॉनिटरिंग की सुविधा भी शामिल होगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रश्नपत्रों की आवाजाही के दौरान हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। अधिकारियों के मुताबिक, निगरानी प्रणाली के जरिए किसी भी असामान्य गतिविधि का तुरंत पता लगाया जा सकेगा।

परीक्षा शुरू होने तक रहेगी कड़ी सुरक्षा

प्रश्नपत्र विशेष सुरक्षा वाले स्टील बॉक्स में रखे जाएंगे, जिनकी निगरानी परीक्षा शुरू होने तक सुरक्षा बलों द्वारा की जाएगी। इन बॉक्सों को निर्धारित समय पर ही खोला जा सकेगा। इसके लिए डिजिटल पासवर्ड आधारित व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें समय और तिथि के अनुसार कोड सक्रिय होगा।

बॉक्स खोलने की प्रक्रिया के दौरान अधिकृत परीक्षा अधिकारियों की उपस्थिति भी अनिवार्य रहेगी। उन्हें पहचान सत्यापन के बाद ही इस प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।

पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर विशेष जोर

पिछले वर्षों में परीक्षा सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बाद इस बार व्यवस्थाओं को और मजबूत किया गया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा निष्पक्ष, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से आयोजित हो। इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने के साथ तकनीकी और सुरक्षा संसाधनों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है।

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