Murder Case – दो महीने बाद सुलझी महिला की हत्या की गुत्थी
Murder Case – महाराष्ट्र के ठाणे और नवी मुंबई से जुड़े एक चर्चित हत्या मामले में पुलिस ने करीब दो महीने की जांच के बाद अहम खुलासा किया है। अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल महीने में पनवेल क्षेत्र से बरामद एक जली हुई महिला की लाश की पहचान करने के बाद मामले की परतें खुलती चली गईं। जांच में सामने आया कि 30 वर्षीय महिला की हत्या कर शव को जलाने की कोशिश की गई थी ताकि उसकी पहचान छिपाई जा सके। पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है।

जले हुए शव से शुरू हुई जांच
पुलिस के मुताबिक 11 अप्रैल को पनवेल के चिंचवली-वाकड़ी क्षेत्र के निकट एक महिला का बुरी तरह जला हुआ शव मिला था। शव की स्थिति ऐसी थी कि तत्काल पहचान कर पाना संभव नहीं था। घटनास्थल से कोई पहचान संबंधी दस्तावेज भी नहीं मिले थे। इसके बाद जांच टीम ने शव के पास मिले आभूषणों और अन्य संकेतों के आधार पर पहचान स्थापित करने की कोशिश शुरू की।
गुमशुदगी रिपोर्ट बनी अहम कड़ी
जांच के दौरान पुलिस को ठाणे के शील-डाइघर पुलिस थाने में दर्ज एक गुमशुदगी रिपोर्ट से महत्वपूर्ण सुराग मिला। रिपोर्ट में दर्ज महिला और बरामद शव के बीच कई समानताएं पाई गईं। अधिकारियों ने बताया कि आभूषणों, शारीरिक बनावट और अन्य उपलब्ध जानकारियों का मिलान करने पर मृतका की पहचान अनितादेवी भगवान राजभर के रूप में हुई।
तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
महिला की पहचान होने के बाद पुलिस ने उसके संपर्कों और गतिविधियों की गहन जांच शुरू की। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण में पता चला कि वह एक व्यक्ति के लगातार संपर्क में थी। जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने करण नामदेव पाटिल नामक व्यक्ति से पूछताछ की। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती पूछताछ के दौरान उसका व्यवहार संदिग्ध पाया गया, जिसके बाद जांच और तेज कर दी गई।
पूछताछ में सामने आया हत्या का मामला
पुलिस का दावा है कि विस्तृत पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। जांच एजेंसियों के अनुसार, महिला और आरोपी के बीच व्यक्तिगत संबंध थे। अधिकारियों का कहना है कि दोनों के बीच भविष्य को लेकर मतभेद उत्पन्न हो गए थे, जिसके बाद यह मामला गंभीर रूप ले बैठा।
हत्या के पीछे बताई जा रही वजह
प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस का कहना है कि महिला आरोपी पर विवाह को लेकर दबाव बना रही थी। वहीं आरोपी इस संबंध को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं था। इसी विवाद के चलते उसने कथित तौर पर महिला को एक सुनसान स्थान पर बुलाया और उसकी हत्या कर दी। बाद में पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को दूसरी जगह ले जाकर आग लगाने की कोशिश की गई।
सबूतों ने जोड़ी पूरी कहानी
जांच अधिकारियों के अनुसार, इस मामले को सुलझाने में तकनीकी साक्ष्यों की बड़ी भूमिका रही। कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, लोकेशन डेटा और गुमशुदगी रिपोर्ट को जोड़कर घटनाक्रम की पूरी कड़ी तैयार की गई। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने सबूत मिटाने का प्रयास किया था, लेकिन विभिन्न स्रोतों से जुटाए गए प्रमाणों ने जांच को सही दिशा दी।
आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
पुलिस ने आरोपी को 8 जून को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया है ताकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा सके। अधिकारी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि अपराध की योजना कब बनाई गई थी और क्या इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भी कोई भूमिका थी। फिलहाल हत्या और सबूत नष्ट करने से संबंधित धाराओं के तहत मामले की जांच जारी है।