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MoneyLaundering – सीएमआरएल मामले में ईडी के सामने पेश हुईं वीना टी

MoneyLaundering – केरल के मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन की बेटी वीना टी बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुईं। एजेंसी उन्हें उनकी बंद हो चुकी आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़े वित्तीय लेन-देन मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था। ईडी द्वारा जारी नए समन के बाद वह निर्धारित समय पर कोच्चि स्थित कार्यालय पहुंचीं।

ईडी कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी और पुलिस बल भी तैनात किया गया था। वीना टी सीधे कार्यालय के भीतर चली गईं, जहां जांच अधिकारियों ने उनसे मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की।

पहले समन पर नहीं हो सकी थी पेशी

इससे पहले ईडी ने उन्हें 12 जून को उपस्थित होने के लिए कहा था। हालांकि, उस समय उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए पेश होने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद एजेंसी ने नया समन जारी किया और आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया।

जांच एजेंसी ने उनसे उनकी कंपनी से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने को भी कहा था। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान इन दस्तावेजों की भी समीक्षा की गई।

सीएमआरएल प्रबंधन से जुड़े लोगों से भी पूछताछ

मामले की जांच के तहत ईडी पिछले कुछ दिनों से सीएमआरएल से जुड़े कई लोगों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में कंपनी के संस्थापक शशिधरन कार्था के परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की गई थी।

जांच एजेंसी वित्तीय लेन-देन और विभिन्न कंपनियों के बीच हुए भुगतान की प्रकृति को समझने का प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में संबंधित पक्षों के बयान और दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं।

भुगतान और ऋण लेन-देन जांच के केंद्र में

जांच का मुख्य आधार उन वित्तीय लेन-देन को माना जा रहा है, जिनमें सीएमआरएल द्वारा एक्सालॉजिक को कथित रूप से करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन भुगतानों के बदले कौन-सी सेवाएं प्रदान की गई थीं और क्या सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार पूरी हुई थीं।

ईडी ने यह भी उल्लेख किया है कि सीएमआरएल से जुड़ी एक अन्य कंपनी ने एक्सालॉजिक को ऋण के रूप में धनराशि उपलब्ध कराई थी। इन लेन-देन और भुगतान की शर्तों की भी जांच की जा रही है।

एसएफआईओ रिपोर्ट के आधार पर दर्ज हुआ मामला

प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई की है। एजेंसी के अनुसार, यह मामला गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) द्वारा दायर अभियोजन शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था।

एसएफआईओ, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करने वाली जांच इकाई है, जो कंपनियों से जुड़े वित्तीय और कॉर्पोरेट मामलों की जांच करती है। इसी रिपोर्ट के आधार पर ईडी ने आगे की जांच शुरू की थी।

आयकर छापे के बाद शुरू हुई जांच

सीएमआरएल से जुड़ी जांच की शुरुआत वर्ष 2019 में आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद चर्चा में आई थी। उस दौरान कंपनी के कुछ वित्तीय रिकॉर्ड और खर्चों को लेकर सवाल उठे थे। इसके बाद विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों ने मामले की अलग-अलग पहलुओं से जांच शुरू की।

फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियां उपलब्ध दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड तथा संबंधित व्यक्तियों के बयानों का अध्ययन कर रही हैं। मामले में अभी किसी अंतिम निष्कर्ष की घोषणा नहीं की गई है और जांच के आगे बढ़ने के साथ नई जानकारियां सामने आ सकती हैं।

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