MedicalSafety – अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले के बाद FAIMA ने की त्वरित कार्रवाई की मांग
MedicalSafety- महाराष्ट्र के केडीएमसी शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों पर हुए हमले को लेकर फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संगठन के मुख्य संरक्षक डॉ. रोहन कृष्णन ने घटना की निंदा करते हुए राज्य सरकार से 24 घंटे के भीतर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा पर जताई चिंता
डॉ. रोहन कृष्णन ने कहा कि अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे चिकित्सा समुदाय में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मरीजों की सेवा में दिन-रात लगे रहने वाले स्वास्थ्यकर्मियों का भय और तनाव के माहौल में काम करना पूरे स्वास्थ्य तंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उनके अनुसार, लगातार बढ़ती हिंसक घटनाओं का असर डॉक्टरों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है और इससे पेशेवर मनोबल प्रभावित हो रहा है।
व्यवस्थागत कमियों के लिए डॉक्टरों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता
FAIMA का कहना है कि अस्पतालों में बिस्तरों की कमी, संसाधनों का अभाव, आधारभूत ढांचे की सीमाएं या प्रशासनिक चुनौतियां ऐसी समस्याएं हैं जिनका सीधा संबंध संस्थागत व्यवस्था से है। इन परिस्थितियों के लिए इलाज कर रहे डॉक्टरों या ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। संगठन ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की नाराजगी या असंतोष का समाधान हिंसा नहीं हो सकता और ऐसी घटनाओं पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सरकार से 24 घंटे में ठोस कदम उठाने की मांग
संगठन ने महाराष्ट्र सरकार से आग्रह किया है कि मामले में शीघ्र और निर्णायक कार्रवाई करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़े कानूनी कदम उठाए जाएं। FAIMA का मानना है कि यदि ऐसे मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तो इससे स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल कमजोर होगा और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। संगठन ने कहा कि कानून का स्पष्ट संदेश होना चाहिए कि अस्पतालों में हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ सकता है व्यापक असर
FAIMA ने अपने बयान में कहा कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला केवल किसी एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य सेवा तंत्र को प्रभावित करने वाली घटना है। यदि चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी, तो इसका असर मरीजों को मिलने वाली सेवाओं पर भी पड़ सकता है। संगठन ने राज्य सरकार से अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की भी अपील की है।