Kerala High Court – पूर्व कांग्रेस पार्षद की नियमित जमानत याचिका खारिज
Kerala High Court – केरल हाई कोर्ट ने यौन उत्पीड़न से जुड़े एक मामले में पलक्कड़ नगर पालिका के पूर्व कांग्रेस पार्षद प्रसोध एम को राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज करते हुए निचली अदालत के आदेश में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया। इस फैसले के बाद फिलहाल आरोपी को न्यायिक राहत नहीं मिल सकी है।

विशेष अदालत के आदेश को बरकरार रखा
न्यायमूर्ति ए. बदरुद्दीन की एकल पीठ ने मान्नारकाड स्थित SC/ST मामलों की विशेष अदालत के उस फैसले को यथावत रखा, जिसमें नियमित जमानत की अर्जी नामंजूर कर दी गई थी। हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान निचली अदालत के आदेश में दखल देने का कोई आधार नहीं पाया।
पहले भी खारिज हो चुकी है अग्रिम जमानत
इस मामले में यह पहली बार नहीं है जब अदालत ने आरोपी को राहत देने से इनकार किया हो। इससे पहले केरल हाई कोर्ट उनकी अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) याचिका भी खारिज कर चुका था। बाद में विशेष अदालत से नियमित जमानत नहीं मिलने पर उन्होंने दोबारा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली।
क्या हैं मामले के आरोप
पुलिस में दर्ज FIR के अनुसार, प्रसोध एम पर आरोप है कि उन्होंने अपने पार्षद कार्यकाल के दौरान एक दलित महिला को नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसी बहाने महिला का यौन शोषण किया गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि जब उसने नौकरी को लेकर दोबारा संपर्क किया, तो उसे धमकाया गया और उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया।
पुलिस जांच जारी
महिला की शिकायत के आधार पर पलक्कड़ टाउन साउथ पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मामले की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है। अदालत का यह फैसला केवल जमानत याचिका से संबंधित है और मामले की सुनवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे भी जारी रहेगी। अंतिम निर्णय अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर लिया जाएगा।