Assam Floods – बाढ़ के हालात पर अमित शाह ने ली जानकारी, केंद्र ने दिया मदद का भरोसा
Assam Floods – असम के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से फोन पर बातचीत कर राज्य के ताजा हालात की जानकारी ली। बातचीत के दौरान उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की तथा केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने साझा की राहत कार्यों की जानकारी
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने गृह मंत्री को बाढ़ प्रभावित इलाकों में जारी राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने संकट की इस घड़ी में राज्य को हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से धेमाजी जिले की स्थिति पर चिंता जताने और लगातार संपर्क बनाए रखने के लिए गृह मंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
धेमाजी जिले में सबसे अधिक असर
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, धेमाजी जिले के चार राजस्व सर्किलों के 69 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, इस जिले में 16 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार का कहना है कि प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम लगातार जारी है।
रेलवे पुल प्रभावित होने से सेवाएं बाधित
भारी बारिश और नदी में तेज कटाव का असर रेलवे नेटवर्क पर भी पड़ा है। नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) के अनुसार, आर्चीपाथर और सिमेन चपारी स्टेशनों के बीच स्थित एक रेलवे पुल का पिलर अस्थिर हो गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग पर सभी ट्रेन सेवाएं अगली सूचना तक स्थगित कर दी गई हैं।
1965 में बने पुल पर बढ़ा खतरा
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, वर्ष 1965 में निर्मित इस पुल को बाद में ब्रॉड गेज में परिवर्तित किया गया था और अब तक इसकी स्थिति सुरक्षित मानी जाती थी। लेकिन लगातार हो रही बारिश और नदी के किनारों पर तेज कटाव के कारण पुल के एक पिलर की स्थिरता प्रभावित हुई। एहतियात के तौर पर रेल परिचालन रोक दिया गया है, जबकि तकनीकी टीमें पुल की स्थिति का लगातार निरीक्षण कर रही हैं।
राहत और निगरानी पर सरकार का जोर
राज्य सरकार का कहना है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी संबंधित विभाग राहत कार्यों में जुटे हैं। प्रशासन प्रभावित लोगों की सुरक्षा, आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता और दीर्घकालिक पुनर्वास की दिशा में भी काम कर रहा है। अधिकारियों ने लोगों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और अफवाहों से बचने की अपील की है।