FuelPrice – पेट्रोल-डीजल दरों को लेकर भाजपा ने सरकार का किया बचाव
FuelPrice – देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए कहा है कि वैश्विक परिस्थितियों के मुकाबले भारत में ईंधन कीमतों का असर आम लोगों पर अपेक्षाकृत कम पड़ा है। भाजपा नेताओं ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार में आई तेजी को इसकी प्रमुख वजह बताया।

भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने के बाद दुनियाभर में तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के कारण ब्रेंट क्रूड लंबे समय तक 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहा। इसका सीधा असर कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ा।
कई देशों की तुलना में भारत में कम बढ़ोतरी का दावा
अमित मालवीय ने विभिन्न देशों के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि भारत में ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में काफी सीमित रही। उनके मुताबिक अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में 44 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पाकिस्तान में यह बढ़ोतरी 50 प्रतिशत से ज्यादा रही।
उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन, जर्मनी और जापान जैसे देशों में भी ईंधन दरों में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। मालवीय के अनुसार, कुछ देशों में डीजल की कीमतों में 100 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखने को मिली। इसके मुकाबले भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब तीन प्रतिशत के आसपास ही वृद्धि हुई है।
तेल कंपनियों पर बोझ उठाने का दावा
भाजपा नेता ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय बाजार की बढ़ी हुई कीमतों का पूरा बोझ सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं डाला। उन्होंने दावा किया कि सरकारी कंपनियों ने कई सप्ताह तक घाटा सहते हुए कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश की।
मालवीय ने कुछ रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि तेल कंपनियों को प्रतिदिन भारी अंडर-रिकवरी का सामना करना पड़ रहा था। इसके बावजूद सरकार ने आम लोगों पर अचानक बड़ा आर्थिक बोझ नहीं डाला। उन्होंने कहा कि हाल में हुई प्रति लीटर तीन रुपये की वृद्धि पिछले कई वर्षों में पहली बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है।
महंगाई और आम बजट पर असर की चर्चा
भाजपा नेताओं ने कहा कि ईंधन की कीमतें केवल वाहन चालकों को ही प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि परिवहन, खाद्य आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स जैसे कई क्षेत्रों पर इसका सीधा असर पड़ता है। उनका कहना है कि सरकार ने वैश्विक संकट के बावजूद महंगाई को नियंत्रित रखने की दिशा में संतुलित नीति अपनाई।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेल कीमतों का मुद्दा हमेशा जनता और विपक्ष दोनों के लिए संवेदनशील विषय रहा है। ऐसे में सरकार और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज होना स्वाभाविक माना जा रहा है।
कांग्रेस पर भाजपा का पलटवार
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष हर आर्थिक मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वैश्विक संकट के समय भी कांग्रेस राजनीतिक अवसर तलाशने में लगी रहती है।
भंडारी ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में देश को आर्थिक स्थिरता और संतुलित नीतियों की आवश्यकता है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय दबावों के बावजूद आम नागरिकों को राहत देने की कोशिश की है और यही कारण है कि भारत की स्थिति कई देशों की तुलना में बेहतर बनी हुई है।