ElectionUpdate – पांच राज्यों के मतदान खत्म, एग्जिट पोल पर टिकी निगाहें
ElectionUpdate – पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान पूरा होने के साथ ही देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चल रही चुनावी प्रक्रिया अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। मंगलवार को मतदान खत्म होने के बाद अब सभी की नजरें 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। इससे पहले अलग-अलग सर्वे एजेंसियों ने एग्जिट पोल जारी कर संभावित नतीजों का आकलन पेश करना शुरू कर दिया है।

इन एग्जिट पोल्स के जरिए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि किस राज्य में कौन सी पार्टी सरकार बना सकती है और किन दलों को कितनी सीटें मिल सकती हैं। हालांकि, इन अनुमानों की सटीकता को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
एग्जिट पोल की विश्वसनीयता पर उठते रहे सवाल
चुनावों के बाद जारी होने वाले एग्जिट पोल अक्सर चर्चा का केंद्र बन जाते हैं, लेकिन उनकी सटीकता हमेशा एक जैसी नहीं रही है। हाल के चुनावों में कई बार ऐसा देखने को मिला है कि एग्जिट पोल के आंकड़े वास्तविक नतीजों से काफी अलग रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि एग्जिट पोल मतदाताओं के सीमित सैंपल और उनके जवाबों पर आधारित होते हैं, इसलिए उनमें त्रुटि की संभावना बनी रहती है। यही वजह है कि इन्हें केवल रुझान के तौर पर देखा जाता है, न कि अंतिम नतीजे के रूप में।
2021 के चुनावों से क्या संकेत मिलते हैं
अगर 2021 के विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल और वास्तविक परिणामों की तुलना करें, तो कई दिलचस्प तथ्य सामने आते हैं। कुछ राज्यों में एग्जिट पोल काफी हद तक सही साबित हुए, जबकि कुछ जगहों पर ये अनुमान पूरी तरह चूक गए।
इस तुलना से यह समझने में मदद मिलती है कि मौजूदा एग्जिट पोल्स को कितनी गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उनमें कितनी विश्वसनीयता है।
पश्चिम बंगाल में अनुमान और नतीजों में बड़ा अंतर
पश्चिम बंगाल में 2021 के चुनावों के दौरान एग्जिट पोल्स ने तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर का अनुमान जताया था। कुछ सर्वे में तो भाजपा को बढ़त या बहुमत मिलने की संभावना भी दिखाई गई थी।
हालांकि, जब वास्तविक नतीजे सामने आए तो तस्वीर पूरी तरह अलग थी। ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने 200 से अधिक सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि भाजपा अपेक्षा से काफी पीछे रह गई। इस अंतर ने एग्जिट पोल की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा किया।
असम और तमिलनाडु में अनुमान काफी हद तक सही
असम में एग्जिट पोल्स ने भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन की वापसी का अनुमान लगाया था, जो बाद में सही साबित हुआ। वहां एनडीए ने स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाई।
इसी तरह तमिलनाडु में भी एग्जिट पोल्स ने सत्ता परिवर्तन का संकेत दिया था। चुनाव परिणामों में डीएमके गठबंधन ने मजबूत जीत दर्ज की और सरकार बनाई। इन दोनों राज्यों में एग्जिट पोल्स की भविष्यवाणी काफी हद तक वास्तविक नतीजों के करीब रही।
केरल और पुदुचेरी में भी अनुमान सटीक
केरल में अधिकतर सर्वे एजेंसियों ने वाम लोकतांत्रिक मोर्चा की वापसी का अनुमान जताया था। नतीजों में भी यही हुआ और पिनरई विजयन के नेतृत्व में एलडीएफ ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाई।
पुदुचेरी में भी एग्जिट पोल्स ने एनडीए के सत्ता में आने का संकेत दिया था, जो सही साबित हुआ। वहां गठबंधन ने बहुमत हासिल कर सरकार बनाई।
मतगणना से पहले बढ़ी उत्सुकता
वर्तमान चुनावों के लिए जारी एग्जिट पोल्स को लेकर भी इसी तरह की चर्चा जारी है। कुछ लोग इन्हें संभावित संकेत मान रहे हैं, जबकि कई विशेषज्ञ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
मतगणना के दिन ही यह स्पष्ट होगा कि एग्जिट पोल्स कितने सटीक साबित हुए और किस राज्य में किस पार्टी को जनादेश मिला। फिलहाल, राजनीतिक दलों और आम जनता दोनों की नजरें आने वाले परिणामों पर टिकी हुई हैं।