EDProbe – अभिषेक बनर्जी से पूछताछ के बीच दिलीप घोष ने दिया बड़ा बयान
EDProbe – तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने मंगलवार को कहा कि कई मामलों में अभिषेक बनर्जी का नाम सामने आया है और जांच एजेंसियां उन पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि चल रही जांच आगे भी अपने निर्धारित कानूनी दायरे में जारी रहेगी।

जांच प्रक्रिया पर भाजपा नेता की प्रतिक्रिया
कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान दिलीप घोष ने कहा कि संबंधित मामलों में जांच की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अब यह देखना होगा कि आगे इसके क्या निष्कर्ष निकलते हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न मामलों में जिन नामों का उल्लेख सामने आया है, उनकी जांच करना एजेंसियों का दायित्व है। घोष ने यह भी कहा कि किसी भी मामले में अंतिम निर्णय जांच पूरी होने और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही सामने आएगा।
ईडी के समक्ष पेश हुए थे अभिषेक बनर्जी
सोमवार को अभिषेक बनर्जी पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय पहुंचे थे। पूछताछ के बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि एजेंसी ने उनसे करीब 11 घंटे तक सवाल-जवाब किए। बनर्जी ने दावा किया कि वे किसी भी जांच से घबराने वाले नहीं हैं और यदि भविष्य में उन्हें फिर बुलाया जाता है तो वे जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करते हैं और आवश्यक सहयोग देते रहेंगे।
योग दिवस आयोजन को लेकर भी उठी चर्चा
दिलीप घोष ने आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 जून को कोलकाता के रेड रोड क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले हैं। इस आयोजन स्थल को लेकर कुछ पक्षों द्वारा उठाए गए सवालों पर घोष ने कहा कि रेड रोड पहले भी बड़े सार्वजनिक और धार्मिक आयोजनों के लिए इस्तेमाल होता रहा है।
आयोजन स्थल के चयन का किया समर्थन
भाजपा नेता ने कहा कि कार्यक्रम के लिए चुना गया स्थान प्रशासनिक और सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर तय किया गया है। उनके अनुसार, यदि किसी दूसरे स्थान पर आयोजन किया जाता तो सुरक्षा कारणों से आसपास के बड़े इलाके को प्रतिबंधित करना पड़ सकता था, जिससे आम लोगों को अधिक असुविधा होती। उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था का उद्देश्य कार्यक्रम को सुचारु रूप से संपन्न कराना और जनता पर न्यूनतम प्रभाव सुनिश्चित करना है।
कानून और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के पालन की अपील
दिलीप घोष ने विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी बड़े सरकारी या सार्वजनिक कार्यक्रम के आयोजन में प्रशासनिक नियमों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन आवश्यक होता है। उन्होंने सभी पक्षों से आग्रह किया कि वे कानूनी प्रक्रियाओं का सम्मान करें और सार्वजनिक हित से जुड़े निर्णयों को उसी दृष्टि से देखें। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन चर्चा तथ्यों और नियमों के आधार पर होनी चाहिए।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल
अभिषेक बनर्जी से हुई पूछताछ और योग दिवस कार्यक्रम को लेकर जारी बहस ने पश्चिम बंगाल के राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। एक ओर जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर विभिन्न राजनीतिक दल सार्वजनिक कार्यक्रमों और प्रशासनिक फैसलों को लेकर अपने-अपने पक्ष रख रहे हैं। आने वाले दिनों में इन दोनों मुद्दों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं जारी रहने की संभावना है।