DoctorSafety – ठाणे अस्पताल हमले के मामले में पीड़ित डॉक्टर के परिवार ने उठाए सवाल
DoctorSafety- ठाणे जिले के डोंबिवली स्थित केडीएमसी के शास्त्री नगर अस्पताल में 6 जुलाई को हुई हिंसा और महिला डॉक्टर पर हमले के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पीड़ित डॉक्टर डॉ. सृष्टि बाविस्कर के पिता ने आरोप लगाया है कि मामले में कुछ लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने राज्य सरकार से डॉक्टरों, विशेष रूप से महिला चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि उन्हें निष्पक्ष न्याय मिलने की उम्मीद अब न्यायपालिका से है।

पुलिस जांच को लेकर जताई चिंता
डॉ. सृष्टि के पिता डॉ. महेंद्र बाविस्कर ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है कि कुछ प्रभावशाली लोग जांच की दिशा प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। उनके अनुसार, यदि किसी भी प्रकार का दबाव जांच एजेंसियों पर बनाया जाता है तो निष्पक्ष कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में पारदर्शी जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई होना जरूरी है।
मानसिक आघात से गुजर रही हैं पीड़ित डॉक्टर
डॉ. महेंद्र बाविस्कर ने बताया कि घटना का उनकी बेटी पर गहरा मानसिक प्रभाव पड़ा है। उनके मुताबिक, डॉ. सृष्टि अभी भी भय और असुरक्षा की भावना से उबर नहीं पाई हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल वापस जाने का नाम सुनते ही वह घबरा जाती हैं और कई बार नींद से डरकर उठ जाती हैं। परिवार का कहना है कि घटना के बाद उनके मन में दोबारा हमले की आशंका बनी हुई है, जिससे सामान्य जीवन में लौटने में समय लग सकता है।
सरकार से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
पीड़ित परिवार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की अपील की है। उनका कहना है कि सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों को सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से महिला डॉक्टरों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अदालत ने आरोपी को पुलिस हिरासत में भेजा
इस मामले में गिरफ्तार शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को कल्याण की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 13 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। चिकित्सकीय जांच के बाद उन्हें अदालत में प्रस्तुत किया गया था, जहां पुलिस ने आगे की पूछताछ के लिए हिरासत की मांग की।
बचाव पक्ष ने स्वास्थ्य का दिया हवाला
आरोपी के अधिवक्ता एम. के. काजी ने पुलिस हिरासत का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि रमेश म्हात्रे की उम्र 73 वर्ष है और वे एक किडनी के सहारे जीवन जी रहे हैं। उन्होंने नियमित चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता का भी उल्लेख किया। अदालत ने स्वास्थ्य संबंधी दलीलों पर ध्यान देते हुए निर्देश दिया कि हिरासत के दौरान यदि उनकी तबीयत बिगड़ती है तो उन्हें तुरंत आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। विष्णुनगर पुलिस थाने में दर्ज इस प्रकरण में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियां घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं और आवश्यक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया जारी है।
चिकित्सा समुदाय में सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
अस्पताल परिसर में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद राज्यभर के चिकित्सा समुदाय में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई चिकित्सक संगठनों ने अस्पतालों में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग दोहराई है। इस घटना ने चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षित कार्य वातावरण की आवश्यकता पर एक बार फिर व्यापक चर्चा शुरू कर दी है।