ChildSafety – कोयंबटूर में बच्ची की हत्या पर बढ़ी राजनीतिक बहस
ChildSafety – तमिलनाडु के कोयंबटूर में 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण और हत्या के मामले ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। इस घटना को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। विपक्षी नेताओं ने राज्य में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

घटना के बाद डीएमके प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के दावे तो करती है, लेकिन ऐसी घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उनके बयान के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में एलंगोवन ने कहा कि बच्ची की हत्या बेहद दुखद और चिंताजनक घटना है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार लगातार सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने की बात करती है, तब ऐसी घटनाएं कैसे हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि पहले विपक्ष डीएमके सरकार के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर आलोचना करता था, लेकिन अब मौजूदा प्रशासन के कार्यकाल में भी गंभीर अपराध सामने आ रहे हैं। एलंगोवन ने यह भी कहा कि हाल ही में सरकार के एक मंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सकारात्मक बयान दिया था, लेकिन जमीन पर हालात अलग दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस जांच में दो आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार बच्ची का अपहरण किए जाने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। बच्ची का शव कोयंबटूर के सुलूर क्षेत्र स्थित कन्नमपालयम टैंक के पास मिला।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज और ईएसआई अस्पताल भेजा है। जांच एजेंसियां घटना के कारणों और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।
परिवार ने मांगी पूरी जानकारी
बच्ची के चाचा पलानीसामी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि परिवार को बच्ची के लापता होने की जानकारी देर रात मिली थी। उन्होंने कहा कि बाद में उन्हें पता चला कि अपहरण के मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।
परिवार का कहना है कि उन्हें अब तक पूरी घटना की जानकारी नहीं दी गई है। पलानीसामी के अनुसार बच्ची दो दिन पहले एक दुकान से लौटने के बाद अचानक गायब हो गई थी। उन्होंने बताया कि परिवार अभी भी सदमे में है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
कानून-व्यवस्था पर बढ़ी राजनीतिक चर्चा
घटना के बाद तमिलनाडु में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विभिन्न दलों के नेता राज्य में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बयान दे रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संवेदनशील आपराधिक मामलों का असर अक्सर राजनीतिक विमर्श पर भी दिखाई देता है।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और प्रशासन का कहना है कि मामले में सभी जरूरी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों में घटना को लेकर गहरा आक्रोश और दुख देखा जा रहा है।