CAPFHealthcare – अर्धसैनिक बलों के जवानों को एम्स में मिलेगी विशेष चिकित्सा सहायता
CAPFHealthcare – केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के लाखों जवानों और उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। अब यदि किसी जवान या उसके परिजन को नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज की आवश्यकता होती है, तो उन्हें चिकित्सा प्रक्रिया के दौरान विशेष सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य अस्पताल में उपचार से जुड़ी प्रशासनिक और व्यावहारिक चुनौतियों को कम करना है, ताकि सुरक्षा बलों के कर्मियों को समय पर जरूरी चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।

एम्स देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में ओपीडी परामर्श, जांच या सर्जरी जैसी सेवाओं के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। कई बार मरीजों और उनके परिजनों को आवश्यक जानकारी तथा प्रक्रियाओं को पूरा करने में भी कठिनाई होती है। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की गई है।
जवानों की सुविधा के लिए बनाई गई विशेष टीम
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने एम्स में उपचार संबंधी सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक समर्पित टीम का गठन किया है। इस टीम में दो वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी और छह अन्य कर्मियों को शामिल किया गया है। इनकी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना होगा कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों और उनके परिवारों को अस्पताल में इलाज के दौरान आवश्यक सहयोग मिल सके।
यह टीम न केवल सामान्य चिकित्सा परामर्श और ओपीडी संबंधी मामलों में मदद करेगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर भर्ती प्रक्रिया और अन्य चिकित्सा औपचारिकताओं में भी सहयोग प्रदान करेगी। इससे मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल की प्रक्रियाओं को समझने और पूरा करने में आसानी होगी।
आपातकालीन स्थितियों में भी मिलेगा सहयोग
नई व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि किसी भी आपात स्थिति में भी यह टीम सक्रिय भूमिका निभाएगी। यदि कोई जवान ड्यूटी के दौरान घायल हो जाता है, किसी अभियान में चोटिल होता है या अचानक गंभीर स्वास्थ्य समस्या का सामना करता है, तो उपचार प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
अर्धसैनिक बलों के कई जवान देश के दूरदराज और कठिन इलाकों में तैनात रहते हैं। ऐसे मामलों में गंभीर स्वास्थ्य समस्या होने पर उन्हें बड़े चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाता है। इस दौरान एम्स पहुंचने के बाद आवश्यक समन्वय और मार्गदर्शन प्रदान करना भी इस टीम की जिम्मेदारी होगी।
चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगी सेवा
सीआरपीएफ मुख्यालय की ओर से अन्य केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को भी इस नई व्यवस्था की जानकारी दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, गठित टीम दिन-रात उपलब्ध रहेगी ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता प्रदान की जा सके। जवानों और उनके परिवारों को किसी भी प्रकार की चिकित्सा सहायता के लिए सीधे टीम से संपर्क करने की सुविधा दी गई है।
इस पहल के तहत टीम के संपर्क विवरण विभिन्न इकाइयों तक पहुंचाए गए हैं। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि रोल कॉल और सैनिक सम्मेलनों के माध्यम से भी इन जानकारियों को सभी कर्मियों तक पहुंचाया जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर वे तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।
स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने की पहल
सुरक्षा बलों के जवान देशभर में कठिन परिस्थितियों में अपनी सेवाएं देते हैं। ऐसे में उनके और उनके परिवारों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई व्यवस्था से उम्मीद है कि एम्स में इलाज कराने वाले जवानों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कम समय लगेगा और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता समय पर मिल सकेगी।