राष्ट्रीय

AttendanceSystem – सरकारी कर्मचारियों के लिए अब अनिवार्य है समय पर उपस्थिति

AttendanceSystem – कर्नाटक सरकार ने सरकारी कार्यालयों में समयपालन और कार्य संस्कृति को मजबूत करने के उद्देश्य से नई व्यवस्था लागू की है। राज्य के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को अब सुबह 10 बजे तक कार्यालय पहुंचकर मोबाइल आधारित उपस्थिति प्रणाली के माध्यम से अपनी हाजिरी दर्ज करनी होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस नियम का पालन सभी विभागों में अनिवार्य रूप से कराया जाएगा और लापरवाही की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।

यह निर्णय प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि नियमित उपस्थिति से नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता और सरकारी कामकाज की गति में सुधार आएगा।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जारी हुआ आदेश

मुख्य सचिव डॉ. शालिनी रजनीश की ओर से जारी निर्देशों में बताया गया है कि यह कदम मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद उठाया गया है। बैठक के दौरान सरकारी कार्यालयों में समय पर उपस्थिति और कार्य निष्पादन को लेकर चर्चा हुई थी।

मुख्यमंत्री ने कथित रूप से कुछ कार्यालयों में देरी से आने और अनियमित उपस्थिति के मामलों पर चिंता जताई थी। इसके बाद पूरे प्रशासनिक ढांचे में एक समान व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया।

मोबाइल एप से दर्ज होगी उपस्थिति

नई व्यवस्था के तहत अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर से लेकर जिला और स्थानीय स्तर तक के सभी कर्मचारियों को प्रतिदिन मोबाइल एप के माध्यम से चेक-इन और चेक-आउट करना होगा। इससे कार्यालय में आने और जाने का समय डिजिटल रूप से दर्ज रहेगा।

सरकार के अनुसार, यह प्रणाली वास्तविक समय में उपस्थिति की निगरानी करने में सक्षम होगी। इससे विभागों को कर्मचारियों की उपस्थिति संबंधी जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सकेगी और प्रशासनिक निगरानी अधिक प्रभावी बनेगी।

तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था तैयार

ई-गवर्नेंस विभाग ने इस व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए उन्नत तकनीकी प्रणाली विकसित की है। यह सिस्टम स्वचालित रूप से ऐसे कर्मचारियों की जानकारी तैयार करेगा, जिन्होंने निर्धारित समय तक उपस्थिति दर्ज नहीं की होगी।

प्राप्त जानकारी के आधार पर जिला और विभाग स्तर पर अलग-अलग रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यह रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को स्वतः उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे अनुपालन की स्थिति पर नियमित नजर रखी जा सकेगी।

फील्ड ड्यूटी करने वालों के लिए अलग प्रावधान

सरकार ने उन अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी व्यवस्था बनाई है जो नियमित रूप से फील्ड विजिट या आधिकारिक दौरे पर रहते हैं। ऐसे कर्मचारियों को मोबाइल एप में निर्धारित विकल्प का चयन कर यह जानकारी दर्ज करनी होगी कि वे कार्यालय से बाहर आधिकारिक कार्य कर रहे हैं।

इसके बाद संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उनकी उपस्थिति और ड्यूटी की पुष्टि करेंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वास्तविक कार्य पर मौजूद कर्मचारियों को किसी प्रकार की प्रशासनिक असुविधा का सामना न करना पड़े।

विभाग प्रमुखों की बढ़ेगी जिम्मेदारी

नई प्रणाली में विभागाध्यक्षों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। उन्हें प्रतिदिन उपस्थिति रिपोर्ट की समीक्षा करनी होगी और यह देखना होगा कि सभी कर्मचारी निर्धारित नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं।

सरकार ने संकेत दिया है कि उपस्थिति से जुड़े नियमों की अनदेखी करने वाले मामलों पर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। इससे विभागीय स्तर पर जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।

पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने पर जोर

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाना है। पिछले कुछ समय से राज्य सरकार सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और कार्य निष्पादन को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न कदम उठा रही है।

हालांकि संबंधित मोबाइल एप का उपयोग पहले कुछ विभागों तक सीमित था, लेकिन अब इसे पूरे राज्य में लागू कर दिया गया है। सरकार को उम्मीद है कि डिजिटल उपस्थिति प्रणाली से कार्यस्थल अनुशासन मजबूत होगा और आम नागरिकों को सरकारी सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.