राष्ट्रीय

AssamCabinet – हिमंता सरमा सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार, छह नेताओं ने ली शपथ

AssamCabinet – असम में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली सरकार ने शुक्रवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान भाजपा के वरिष्ठ विधायक अश्विनी राय सरकार, अशोक सिंघल और बिमल बोरा सहित कुल छह नेताओं ने मंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल ने सभी नए मंत्रियों को औपचारिक रूप से शपथ दिलाई।

छह नेताओं को मिली मंत्रिमंडल में जिम्मेदारी

मंत्रिमंडल विस्तार के तहत बिस्वजीत दैमारी, जयंत मल्लबरुआ और कौशिक राय ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की। इस विस्तार के साथ राज्य सरकार की मंत्रिपरिषद का आकार बढ़ गया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के अलावा पहले से शामिल चार मंत्री—अजंता नेओग, रमेश्वर तेली, अतुल बोरा और चरण बोरो—को जोड़कर अब मंत्रिपरिषद में कुल 17 सदस्य हो गए हैं।

अनुभवी नेताओं पर कायम रहा भरोसा

नए मंत्रिमंडल की संरचना से यह संकेत मिलता है कि भाजपा नेतृत्व ने अनुभव और प्रशासनिक निरंतरता को प्राथमिकता दी है। कई ऐसे नेताओं को फिर से जिम्मेदारी दी गई है जो पिछली सरकार में भी महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाल चुके हैं। इससे सरकार की कार्यशैली में स्थिरता बनाए रखने की रणनीति स्पष्ट दिखाई देती है।

पूर्व मंत्रियों को दोबारा मिला अवसर

कैबिनेट में अशोक सिंघल, जयंत मल्लबरुआ, बिमल बोरा, पीयूष हजारिका और रणोज पेगू जैसे नेताओं को फिर से स्थान दिया गया है। इसके अलावा सहयोगी दल असम गण परिषद (एजीपी) के वरिष्ठ नेता केशब महंत भी मंत्रिमंडल का हिस्सा बने हुए हैं। इन नेताओं के पास प्रशासनिक अनुभव होने के कारण सरकार विकास योजनाओं और चल रही परियोजनाओं को गति देने की उम्मीद कर रही है।

विकास कार्यों की निरंतरता पर जोर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मंत्रिमंडल विस्तार में अनुभवी चेहरों को प्राथमिकता देना सरकार की दीर्घकालिक विकास रणनीति का हिस्सा है। राज्य में बुनियादी ढांचे, निवेश, शिक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है जो पहले भी प्रशासनिक कार्यों का अनुभव रखते हैं।

राजनीतिक संदेश भी अहम

इस विस्तार को आगामी राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौतियों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा ने संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाए रखते हुए ऐसे नेताओं को मौका दिया है जिनकी क्षेत्रीय और राजनीतिक पकड़ मजबूत मानी जाती है। इससे पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि शासन और विकास के एजेंडे को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.